69 हज़ार शिक्षक भर्ती विवाद: “केशव चाचा, न्याय करो…” — अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम आवास पर किया प्रदर्शन
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की चर्चित 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लखनऊ स्थित सरकारी आवास का घेराव किया और न्याय की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने “केशव चाचा, न्याय करो”, “योगी जी, सुनवाई करो” जैसे नारे लगाए और शिक्षक भर्ती में आरक्षण गड़बड़ी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया।
🔍 क्या है मामला?
69 हज़ार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने भर्ती प्रक्रिया की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया और तीन महीनों में नई सूची जारी करने का आदेश दिया।
📝 अभ्यर्थियों की मुख्य माँगें
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नई मेरिट लिस्ट तत्काल जारी की जाए
आरक्षण नियमों का पालन हो, विशेष रूप से OBC/SC/ST वर्ग के लिए
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि “भाजपा की सरकार में नौकरियों को लेकर सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। न्याय न मिलने पर युवा सड़क पर उतरने को मजबूर है।”
🚨 घटनास्थल की स्थिति
कई महिला अभ्यर्थी भी प्रदर्शन में शामिल थीं
पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और बल तैनात किया
कुछ अभ्यर्थियों को बलपूर्वक हटाया गया और हिरासत में लिया गया
📌 सारांश तालिका
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | लखनऊ – डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का आवास |
| मुख्य मुद्दा | आरक्षण नियमों का पालन न होना |
| न्यायालय आदेश | मेरिट लिस्ट रद्द, 3 महीने में नई सूची का आदेश |
| प्रदर्शन की मांग | पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और न्याय की गुहार |
| पुलिस कार्रवाई | लाठीचार्ज और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया |
📢 निष्कर्ष
69 हज़ार शिक्षक भर्ती का यह विवाद न सिर्फ उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि युवाओं की न्याय की लड़ाई और हक़ की आवाज़ को भी सामने लाता है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार कोर्ट के आदेश का समय पर पालन करेगी या यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

