नैनीताल: ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस में भीषण आग, 86 वर्षीय महिला की मौत
नैनीताल, 28 अगस्त 2025 — नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में स्थित 1863 में बनी ऐतिहासिक इमारत ‘ओल्ड लंदन हाउस’ बुधवार देर रात आग की चपेट में आ गई। इस हादसे में 86 वर्षीय शांता देवी बिष्ट की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे वरिष्ठ इतिहासकार प्रो. अजय रावत की बहन थीं। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड और राहत दलों को तीन घंटे से अधिक समय लग गया।
🔥 घटना का विवरण: अचानक भड़की आग ने ली जान
घटना रात करीब 10 बजे की है, जब मोहनको चौराहे पर स्थित इस बहुमंजिला भवन की ऊपरी मंजिल से धुंआ उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इमारत घनी आबादी के बीच स्थित है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय निवासियों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें सक्रिय हो गईं। एहतियातन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और आसपास के मकानों को खाली कराया गया।
🚒 राहत व बचाव अभियान: कठिन परिस्थितियों में चला ऑपरेशन
दमकल की कई गाड़ियों और टैंकरों को मौके पर लगाया गया। पानी की आपूर्ति बाधित होने की वजह से कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन राहत कार्य लगातार जारी रहा।
करीब 1:30 बजे रात तक आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक शांता देवी की जान नहीं बचाई जा सकी। उनका शव पूरी तरह झुलस चुका था, जिसकी पहचान बाद में की गई। उनका बेटा निखिल, जो आग लगने के समय इमारत में ही था, सुरक्षित बाहर निकल आया।
🏛️ इतिहास से जुड़ी धरोहर: ओल्ड लंदन हाउस
ओल्ड लंदन हाउस ब्रिटिश शासनकाल की एक महत्वपूर्ण इमारत है, जिसका निर्माण 1863 में हुआ था। इसे उस दौर में सरकारी अधिकारियों के आवास के रूप में उपयोग किया जाता था। नगर के केंद्र में स्थित यह भवन आज भी ऐतिहासिक पहचान के तौर पर देखा जाता है।
📋 प्रशासन की कार्रवाई: मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही आईजी रिद्धिम अग्रवाल, एसएसपी प्रह्लाद मीणा और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा और राहत कार्यों की निगरानी की गई। NDRF ने इमारत का सघन निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच अभी जारी है।
🧯 स्थानीय सहयोग और चेतावनी
राहत कार्यों में स्थानीय लोगों की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने घबराए हुए लोगों को बाहर निकलने में मदद की और प्राथमिक सूचना प्रशासन को दी।
यह घटना ऐतिहासिक और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है — क्या इन संरचनाओं में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं?
🔐 सावधानी और सुरक्षा के लिए सुझाव:
नियमित रूप से बिजली तारों और उपकरणों की जांच कराएं
फायर अलार्म और अग्निशमन यंत्र अवश्य लगवाएं
आपातकाल के लिए निकासी मार्ग (Exit plan) पहले से तैयार रखें
किसी भी आग की स्थिति में 112 या स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दें
📌 घटना का सारांश:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | मल्लीताल, नैनीताल |
| इमारत | ओल्ड लंदन हाउस (स्थापित: 1863) |
| मृतक | शांता देवी बिष्ट (86 वर्ष) |
| संभावित कारण | शॉर्ट सर्किट |
| टीमें तैनात | फायर ब्रिगेड, NDRF, SDRF, पुलिस |
| स्थिति | आग पर नियंत्रण, जांच जारी |
📝 निष्कर्ष:
ओल्ड लंदन हाउस में लगी यह आग सिर्फ एक दर्दनाक हादसा नहीं, बल्कि हमें हमारे इतिहास और धरोहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सोच की ओर प्रेरित करती है। जरूरी है कि प्रशासन और नागरिक मिलकर ऐसे स्थलों को संरक्षित रखें और आधुनिक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं टाली जा सकें।

