भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर अपने व्यंगात्मक गीतों और बयानों को लेकर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मुद्दा बना है उनका हालिया बयान और गीत, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया।
हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
वाराणसी में कई हिंदू संगठनों, विशेष रूप से हनुमान सेना, ने नेहा सिंह राठौर के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया जताई है। संगठन के सुधीर सिंह ने एक बयान में कहा:
“प्रधानमंत्री मोदी देश के गौरव हैं। नेहा सिंह राठौर की टिप्पणी अक्षम्य है। ऐसे बयान पाकिस्तानी मीडिया में वायरल हो रहे हैं और यह पाकिस्तानी एजेंट जैसा व्यवहार है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।
400 से अधिक तहरीरें, FIR की मांग
वाराणसी के लंका, भेलूपुर और अन्य थानों में 400 से अधिक तहरीरें दर्ज की गई हैं, जिनमें देशद्रोह और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
विवाद का केंद्र बना नेहा का गीत “चौकीदार कायर बा”, जिसे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के खिलाफ बताया है।
लंका थाने के इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि शिकायतों की जांच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नेहा सिंह राठौर का पक्ष और कानूनी लड़ाई
नेहा सिंह राठौर इससे पहले भी कई बार अपने गीतों को लेकर विवादों में रही हैं।
हाल ही में लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ देशद्रोह और IT एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ नेहा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की है।
उनका कहना है:
“मेरी आलोचना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। मुझे राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाया जा रहा है।”
इस याचिका पर सुनवाई 12 मई को निर्धारित थी।

