छत्तीसगढ़: तीन लाख का इनामी जनमिलिशिया कमांडर शंकर कुरसम गिरफ्तार, कई बड़े नक्सली मामलों में था वांछित
बीजापुर, छत्तीसगढ़ – नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के तहत तीन लाख रुपये के इनामी जनमिलिशिया कमांडर शंकर कुरसम को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह लंबे समय से नक्सली संगठन के लिए सक्रिय था और कई गंभीर वारदातों में उसकी संलिप्तता पाई गई है।
🚨 गिरफ्तारी कहां और कैसे हुई?
शंकर कुरसम की गिरफ्तारी डंपापल्ली और हिरमारगुंडा गांवों के बीच हुई, जहां सुरक्षाबलों द्वारा एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। यह कार्रवाई डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और CRPF की 85वीं बटालियन द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दी गई।
उम्र: 36 वर्ष
गांव: हिरमारगुंडा (बीजापुर)
घटना की तारीख: 6 अगस्त 2025
🧨 इन मामलों में था शामिल
शंकर कुरसम जनमिलिशिया कमांडर के रूप में कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। प्रमुख मामलों में:
9 अप्रैल 2025:
स्थान: सिंगर बाहार नाला
घटना: IED विस्फोट
परिणाम: एक CRPF जवान शहीद
23 दिसंबर 2023:
स्थान: मंकेली गांव
घटना: एक आम नागरिक की नक्सलियों द्वारा हत्या
इन घटनाओं ने बीजापुर सहित पूरे बस्तर संभाग में दहशत फैला दी थी।
🎯 इनाम और पहचान
राज्य सरकार द्वारा घोषित इनाम: ₹3,00,000
स्थानीय स्तर पर घोषित इनाम: ₹10,000
सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था।
🛡️ सुरक्षाबलों की प्रतिक्रिया
सुरक्षा बलों ने इसे “बड़ा ऑपरेशन सक्सेस” करार दिया है। अधिकारियों के अनुसार, शंकर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन की जनमिलिशिया इकाई को बड़ा झटका लगा है।
“यह गिरफ्तारी न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास भी बढ़ेगा। आगे भी ऐसे अभियान तेज़ी से चलाए जाएंगे।”
– सुरक्षा अधिकारी, बीजापुर
📍 नक्सली नेटवर्क पर असर
शंकर की गिरफ्तारी से माना जा रहा है कि जनमिलिशिया की स्थानीय भर्ती, IED प्लांटिंग और जनता के बीच डर फैलाने की रणनीति को बड़ा नुकसान पहुँचेगा। यह गिरफ्तारी “ऑपरेशन प्रयास” के अंतर्गत की गई है, जिसे राज्य सरकार और सुरक्षा बलों ने मिलकर चलाया है।
📌 निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षाबलों की यह बड़ी कामयाबी नक्सल विरोधी मुहिम को एक नई दिशा दे सकती है। शंकर कुरसम जैसे अनुभवी नक्सली की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि सुरक्षाबल अब जमीनी स्तर पर अधिक रणनीतिक रूप से सक्रिय हो रहे हैं। आने वाले समय में नक्सली गतिविधियों में और गिरावट आने की उम्मीद है।

