मुख्यमंत्री धामी की श्रम और कौशल विकास विभाग पर समीक्षा बैठक
📅 तारीख: 17 जुलाई 2025
📍 स्थान: सचिवालय, देहरादून
🔹 मुख्य उद्देश्य:
मुख्यमंत्री ने श्रम एवं कौशल विकास विभाग की प्रगति का मूल्यांकन किया। इस बैठक में विशेष रूप से यह देखा गया कि:
श्रमिकों का पंजीकरण और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया कैसे और सरल बनाई जा सकती है।
कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को श्रमिकों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार कैसे ढाला जा सकता है।
🧾 मुख्य निर्देश जो सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए:
✅ श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन बनाया जाए ताकि असंगठित क्षेत्र के मजदूर भी आसानी से जुड़ सकें।
✅ पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों व बच्चों को शिक्षा और कल्याण योजनाओं से जोड़ा जाए।
✅ सरल भाषा में संवाद करें: अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रिपोर्टिंग करते समय ‘किया क्या’, ‘क्यों नहीं हुआ’, और ‘आगे क्या योजना है’, इस तर्क पर रिपोर्ट बनाएं।
✅ सभी योजनाओं को एकीकृत करें, ताकि संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और योजना की निगरानी आसान हो।
📊 अब तक की उपलब्धियाँ:
| बिंदु | आँकड़े/स्थिति |
|---|---|
| कुल श्रमिक पंजीकरण | लगभग 30 लाख |
| सत्यापित श्रमिक | लगभग 20 लाख (2.5 लाख निर्माण श्रमिक) |
| बीमा व पेंशन योजना | 15 लाख+ श्रमिकों को PM सुरक्षा बीमा व श्रम योगी मानधन जैसी योजनाओं का लाभ |
| प्रमुख पोर्टल | E-Labour पोर्टल से सीधा जुड़ाव |
🎯 कौशल विकास पर विशेष ध्यान
तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण को रोज़गार उन्मुख बनाया जाएगा।
प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को मान्यता दिलवाने की दिशा में भी कार्य होगा।
🧭 मुख्यमंत्री की कार्यशैली की झलक
बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनका जमीन पर असर दिखे।
अधिकारियों को हर विभाग की योजनाओं पर ठोस और परिणामदायक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
✅ संभावित प्रभाव:
| क्षेत्र | अपेक्षित लाभ |
|---|---|
| श्रमिक कल्याण | योजनाओं का सीधा लाभ, बीमा और पेंशन तक पहुँच |
| कौशल विकास | बेहतर प्रशिक्षित युवा, बढ़े हुए रोजगार अवसर |
| प्रशासनिक पारदर्शिता | नियमित अपडेट और स्पष्ट जिम्मेदारियाँ |
| पारिवारिक सशक्तिकरण | बच्चों की शिक्षा, महिलाओं को योजनाओं से जोड़ना |

