देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ और केदारनाथ समेत अपने अधीन आने वाले कई मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार समिति की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ-साथ समिति के अधीन लगभग 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।
इस फैसले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में कानून, एक्ट और पौराणिक परंपराओं का अध्ययन करेगी। साथ ही मंदिरों के प्रबंधन से जुड़े सभी पक्षों की राय लेने के बाद ही आगे कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मंदिर समितियों का कहना है कि बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे धाम केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन आस्था के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र हैं। ऐसे में इन स्थानों की धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है।
वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि धार्मिक स्थलों की परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि विपक्ष ने इसे लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित संस्थाओं की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

