शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू रविवार दोपहर शिमला से दिल्ली रवाना हुए। वहां उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जहां संभावित प्रत्याशी के नाम पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी शीर्ष नेतृत्व हिमाचल से बाहर के किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेजने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, अंतिम नाम तय करने से पहले प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, विधायकों की राय और संभावित समीकरणों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
पिछली बार राज्यसभा चुनाव के दौरान बनी परिस्थितियों को देखते हुए इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही कारण है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व हर कदम सोच-समझ कर उठा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भावनाओं और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए अपनी राय भी रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आलाकमान का जो भी निर्णय होगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा।
मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
सोमवार को मुख्यमंत्री राज्यसभा सीट के अतिरिक्त संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर भी शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर सकते हैं। यदि किसी मौजूदा मंत्री को राज्यसभा भेजा जाता है, तो कैबिनेट में रिक्तियां पैदा हो सकती हैं, जिससे नए चेहरों को अवसर मिलने की संभावना बनेगी।
इनके नाम चर्चा में
राज्यसभा सीट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, पूर्व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार आइटी गोकुल बुटेल सहित अन्य कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। ऐसे में देखना होगा कि दिल्ली में मंथन के बाद किस के नाम पर मोहर लगाई जाती है।
पांच मार्च तक नामांकन, जल्द होगा निर्णय
राज्यसभा सीट के लिए नामांकन की अंतिम तिथि पांच मार्च निर्धारित है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिन के भीतर उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
भाजपा अपना रही वेट एंड वाच की रणनीति
विपक्षी दल भाजपा फिलहाल वेट एंड वाच की रणनीति अपनाए हुए है। कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद ही भाजपा अपने अगले कदम की दिशा तय करेगी। सूत्रों के अनुसार यदि कांग्रेस किसी बाहरी नेता को उम्मीदवार बनाती है, तो भाजपा भी मुकाबले के लिए अपना प्रत्याशी उतार सकती है।
आज केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात भी संभव
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक में आरडीजी बहाली सहित राज्य से जुड़े वित्तीय मुद्दों और लंबित परियोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। पिछली बार दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री की व्यस्तताओं के बीच में मिलने का समय नहीं मिल पाया था।

