दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में बड़ा बदलाव: CRPF की तैनाती वापस, अब दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा व्यवस्था में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चार दिन पहले जो उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी थी, उसे वापस ले लिया गया है। अब मुख्यमंत्री की सुरक्षा पूरी तरह से दिल्ली पुलिस के जिम्मे सौंप दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की वजह
20 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय के सिविल लाइंस स्थित भवन में आयोजित ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने रेखा गुप्ता पर हमला किया था। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को उजागर कर दिया था। तुरंत बाद CRPF को उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि गृह मंत्रालय ने बाद में यह निर्णय लिया कि दिल्ली पुलिस ही राजधानी में बेहतर सुरक्षा प्रबंधन कर सकती है। इसलिए CRPF की तैनाती को वापस बुला लिया गया और सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई।
दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त सतीश गोलचा
सुरक्षा व्यवस्था में इस बदलाव के साथ दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त के रूप में सतीश गोलचा की नियुक्ति भी की गई है। 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गोलचा ने पहले विशेष आयुक्त (कानून-व्यवस्था) और विशेष पुलिस आयुक्त (खुफिया) के पद पर काम किया है। उनकी नियुक्ति को सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री पर हुए हमले के बाद दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों और आम जनता में चिंता बढ़ गई थी। इस घटना ने पुलिस की तत्परता और सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब सबकी नजरें नए पुलिस आयुक्त और उनकी टीम पर टिकी हैं कि वे मुख्यमंत्री की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाएगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में यह बदलाव सरकार की सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है। CRPF की जगह दिल्ली पुलिस को जिम्मेदारी सौंपकर स्थानीय बल को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि नई सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और राजधानी में नेताओं की सुरक्षा कितनी पुख्ता होती है।

