🌿 MAAsterG का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर संदेश 🌿
“योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, यह आत्मा और परमात्मा के बीच का मिलन है।”
MAAsterG का यह संदेश इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लाखों युवाओं के दिलों को छू गया। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन भारतीय उपहार है, जो आज की तेज़ और तनावपूर्ण दुनिया में मानसिक शांति और स्थिरता का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि,
“आज के समय में हम मोबाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया में इतने उलझ गए हैं कि अपने भीतर झांकना भूल चुके हैं। योग वही खिड़की है जो हमें खुद से दोबारा मिलवाती है।”
MAAsterG ने खासतौर पर नई पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि योग को सिर्फ 21 जून का इवेंट न समझें, बल्कि इसे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। योग आपके शरीर को स्वस्थ, दिमाग को शांत और आत्मा को ऊर्जावान बनाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे मोबाइल को चार्ज करना ज़रूरी है, वैसे ही मन और आत्मा को चार्ज करने के लिए हमें प्राणायाम, ध्यान और योग की ऊर्जा से जुड़ना होगा। तभी हम इस जीवन को पूरी ऊर्जा, प्रेम और स्पष्टता से जी पाएंगे।
अंत में उन्होंने सभी से यह संकल्प लेने की अपील की कि
“हर सुबह कम से कम 20 मिनट का समय अपने लिए निकालें। योग करें, ध्यान करें और खुद को महसूस करें।”
MAAsterG का यह संदेश न केवल योग का महत्त्व बताता है, बल्कि यह एक गहन जीवनदर्शन भी प्रस्तुत करता है—जिसमें शरीर, मन और आत्मा की समग्र जागृति होती है।
