“कांवड़ियों को उपद्रवी कहना आस्था का अपमान है” – सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
वाराणसी | 18 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को लेकर उठे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है। वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि “कांवड़ियों को उपद्रवी या आतंकवादी कहना सनातन आस्था का अपमान है।” मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया जब हाल ही में कुछ वर्गों द्वारा कांवड़ यात्रा और इससे जुड़े श्रद्धालुओं को नकारात्मक छवि में प्रस्तुत किया गया।
🔶 सीएम योगी का बयान: मुख्य अंश
सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का पर्व है। कुछ लोगों द्वारा कांवड़ियों को उपद्रवी या असामाजिक तत्व कहकर बदनाम करना अस्वीकार्य है। यह करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है।”
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान में कोई कमी न आए।
📍 विवाद की पृष्ठभूमि
हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक बयानों में कांवड़ यात्रा को “अव्यवस्थित”, “ध्वनि प्रदूषण युक्त” और “उपद्रव फैलाने वाला” बताया गया, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों और विशेषकर कांवड़ यात्रियों में असंतोष फैल गया।
इस पृष्ठभूमि में सीएम योगी का यह बयान धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक सम्मान और कानून-व्यवस्था के संतुलन का संदेश देता है।
🛡️ प्रशासनिक तैयारी: कांवड़ यात्रा 2025
राज्य सरकार ने इस वर्ष की कांवड़ यात्रा के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं:
| सुविधा / सुरक्षा उपाय | विवरण |
|---|---|
| 👮♀️ 10,000 महिला पुलिसकर्मी तैनात | महिला कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु |
| 📹 24×7 CCTV निगरानी | संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और कैमरे |
| 🛣️ 428 KM से अधिक मार्ग कवर | स्वच्छता, मेडिकल टेंट, ट्रैफिक नियंत्रण |
| 🚨 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन | कांवड़ियों की सहायता के लिए |
इसके अलावा, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी सेवा में जोड़ा गया है।
🗳️ सियासी असर
योगी आदित्यनाथ का बयान धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है:
भाजपा समर्थक वर्ग में इस बयान को “आस्था के रक्षक की आवाज़” बताया जा रहा है।
विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रयास” करार दिया है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
सामाजिक संगठनों ने मीडिया से सतर्क रिपोर्टिंग की मांग की है ताकि धार्मिक यात्राओं को कलंकित न किया जाए।
📌 निष्कर्ष
कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
अब ज़िम्मेदारी है समाज और मीडिया की, कि वे संयम बरतें और धार्मिक आस्थाओं को सम्मान दें।

