किरंदुल (दंतेवाड़ा)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बैलाडीला नगर की बेटी और हिंदी साहित्य की सशक्त आवाज़ डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लेखन के लिए दो प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। राजधानी में आयोजित एक भव्य समारोह में Asia News Bharat एवं News Plus 24 के संयुक्त तत्वावधान में उन्हें राज्यपाल श्री रमेन डेका के करकमलों से सम्मान प्रदान किया गया। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में Lavanya Foundation द्वारा उन्हें Womenia 2026 Award से भी नवाजा गया।
गौरतलब है कि Lavanya Foundation हर वर्ष राज्य के प्रत्येक जिले से एक ऐसी प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी महिला का चयन करता है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही हो। इसी क्रम में इस वर्ष दंतेवाड़ा जिले से डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ का चयन किया गया, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. दिव्या देशमुख को यह सम्मान हिंदी साहित्य के माध्यम से नारी सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त करने के लिए प्रदान किया गया है। उनका लेखन विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, बाल यौन शोषण, पर्यावरण संरक्षण, धर्मनिरपेक्षता और ट्रांसजेंडर समुदाय की अस्मिता जैसे गंभीर सामाजिक विषयों पर केंद्रित रहा है। उनकी रचनाएँ विभिन्न राष्ट्रीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और साहित्यिक मंचों पर प्रकाशित होती रही हैं और समाज में सकारात्मक सोच तथा संवेदनशीलता को बढ़ावा देती हैं।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र, पाठकों और साहित्य प्रेमियों का है। उन्होंने इस सम्मान को अपने नगर किरंदुल, दंतेवाड़ा जिले और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं की आवाज़ को और मजबूती से उठाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
डॉ. दिव्या देशमुख की उपलब्धियों की सूची भी काफी समृद्ध है। वर्ष 2022 में उन्हें ‘महाकवि नीरज सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा भी उन्हें समय-समय पर सम्मानित किया गया है। थावे विद्यापीठ, बिहार द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि भी प्रदान की गई है।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्रकाश विद्यालय, किरंदुल से हुई, जबकि उच्च माध्यमिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, किरंदुल से पूरी की। वर्तमान में वे एक रिसर्च स्कॉलर के रूप में भी सक्रिय हैं और शोध के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया था।
उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता श्री रमेश देशमुख, जो एनएमडीसी (NMDC) से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं, ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया। परिवार से मिले संस्कार, माता का स्नेह और परिजनों का सहयोग उनकी उपलब्धियों की सबसे बड़ी शक्ति रहे हैं।
किरंदुल की बेटी की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
भूपेश्वर साहू की रिपोर्ट

