बिहार में गरजे अमित शाह: “घुसपैठियों को SIR से बचाकर बिहारियों की नौकरी खा रही लालू एंड कंपनी”
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सीतामढ़ी/पटना, 8 अगस्त 2025:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने INDIA गठबंधन और विशेष रूप से लालू यादव और उनकी पार्टी RJD पर आरोप लगाया कि वे SIR (Special Identification Register) जैसे महत्वपूर्ण कदम का विरोध कर बिहारियों की नौकरी और पहचान को खतरे में डाल रहे हैं।
क्या है SIR?
SIR (Special Identification Register) एक राज्यस्तरीय पहल है जिसका उद्देश्य है राज्य में रह रहे सभी नागरिकों की पहचान को स्पष्ट करना। इसके जरिए अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर राज्य की आंतरिक सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा करना है। यह प्रणाली नागरिकों की डिजिटल आईडी से जुड़ती है और स्थानीय प्रशासन को अधिक सटीक जनसंख्या डाटा देने में मदद करती है।
अमित शाह के आरोप
अमित शाह ने कहा:
“लालू एंड कंपनी घुसपैठियों को SIR से बचाने में लगी है ताकि वे उनकी तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा बने रहें। लेकिन मैं बिहार की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि हम ऐसा नहीं होने देंगे। बिहारियों की नौकरी, पहचान और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।”
राजनीतिक माहौल गरमाया
शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं। BJP और JDU के बीच पुनः गठबंधन के बाद शाह का यह दौरा रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे “जाति नहीं, विकास और राष्ट्रहित” के मुद्दों पर वोट करें।
विपक्ष का पलटवार
RJD और कांग्रेस ने शाह के बयान को “भ्रम फैलाने वाला” बताया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि SIR के नाम पर NRC/NPR जैसे एजेंडे को बिहार में थोपने की कोशिश की जा रही है, जिससे खास वर्गों को निशाना बनाया जा सके।
निष्कर्ष:
अमित शाह का यह बयान बिहार में सियासी तापमान बढ़ाने वाला है। SIR को लेकर जहां एक ओर BJP इसे सुरक्षा का उपकरण बता रही है, वहीं विपक्ष इसे असहमति और विभाजन की राजनीति कह रहा है। आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा चुनावी विमर्श के केंद्र में बना रहेगा।

