यूपी की हाई-प्रोफाइल कन्नौज सीट पर “वोट चोरी” का आरोप, मंत्री असीम अरुण ने उठाए गंभीर सवाल
कन्नौज | 18 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल कन्नौज लोकसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। योगी सरकार में मंत्री और पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने दावा किया है कि कन्नौज में मतदान के दौरान भाजपा समर्थकों के हजारों वोट मतदाता सूची से गायब थे, और यह सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को फायदा पहुंचाने की “सुनियोजित साजिश” हो सकती है।
📌 क्या कहा असीम अरुण ने?
मंत्री असीम अरुण ने कहा:
“हर बूथ पर लगभग 10 से 15 वोट बीजेपी समर्थकों के गायब थे। हमारी पार्टी ने चुनाव आयोग को 300 से अधिक सुधार के सुझाव दिए थे, लेकिन कांग्रेस और सपा ने एक भी नहीं दिया। अब वे सिर्फ बयानबाज़ी कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह बिहार में SIR (Special Identification of Registration) के ज़रिए मतदाता सूची को पारदर्शी बनाया गया, वैसा ही मॉडल उत्तर प्रदेश में भी लागू होना चाहिए।
🔍 कन्नौज क्यों है खास?
यह सीट समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पारंपरिक सीट रही है।
पिछली बार इस सीट से भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था।
2024 में हुए चुनाव में भी यह सीट हाई-प्रोफाइल मानी गई, जहां हर बूथ पर खास निगरानी रही।
🔎 वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ❌ वोट कटने का दावा | BJP समर्थकों के हजारों वोट गायब |
| 🛑 विपक्ष की निष्क्रियता | कांग्रेस और सपा ने कोई शिकायत या सुझाव नहीं दिया |
| ✅ SIR मॉडल की मांग | मतदाता पहचान को पारदर्शी बनाने की पहल |
| 📢 EC से शिकायत | बीजेपी की ओर से आधिकारिक रिपोर्ट जमा |
🗣️ निष्कर्ष
इस मुद्दे ने एक बार फिर से भारत की मतदाता सूची की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। मंत्री असीम अरुण का यह दावा केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सुधार की मांग का संकेत है।
अब देखना यह होगा कि क्या चुनाव आयोग इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाता है या यह विवाद भी बाकी राजनीतिक आरोपों की तरह हवा में रह जाएगा।

