उन्नाव में दर्दनाक हादसा: DCM और डंपर की टक्कर के बाद लगी आग, तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत
उन्नाव, 20 अगस्त 2025 — उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्नाव–हरदोई मार्ग पर सुबह करीब 3 बजे एक केमिकल से भरी DCM और मार्बल लदे डंपर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिससे चालक और क्लीनर केबिन में ही फंसकर जिंदा जल गए।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंजमुरादाबाद कस्बे के पास हुई। दोनों भारी वाहन पूरी रफ्तार में थे और टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि DCM और डंपर के केबिन एक-दूसरे में बुरी तरह फंस गए। DCM में खतरनाक केमिकल और डंपर में मार्बल जैसे भारी सामान लोड होने के कारण टक्कर के साथ ही आग भड़क उठी।
आग ने दोनों वाहनों को चंद मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों लोग करीब आधे घंटे तक केबिन में फंसे रहे और मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कोई उन्हें बचा नहीं सका।
मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाले तीनों व्यक्तियों की पहचान हो गई है:
महिपाल (30 वर्ष) – DCM का चालक, संभल जिले के गहरे की मैदान गांव का निवासी
सोनू – DCM का क्लीनर और महिपाल का भांजा, फतेहपुर उनमा, संभल से
डंपर चालक – जिनकी पहचान कानपुर देहात निवासी के रूप में की गई है
पुलिस और राहत टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।
हादसे के कारण हाईवे पर करीब तीन घंटे तक ट्रैफिक ठप रहा, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हादसे का कारण और जांच
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी एक वाहन चालक को झपकी आ गई थी, जिससे नियंत्रण बिगड़ गया और यह टक्कर हुई। अधिकारियों ने तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि सही कारणों का पता लगाया जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि भारी वाहनों की निगरानी और सड़क सुरक्षा को लेकर हमारी व्यवस्था कितनी सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रक चालकों के लिए समय-समय पर थकान जांच, रेस्ट ब्रेक और रात्रि गश्त जैसे उपाय सख्ती से लागू किए जाएं, तो ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।
निष्कर्ष
उन्नाव की यह घटना सिर्फ तीन लोगों की मौत की खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — आम जनता, प्रशासन और नीति-निर्माताओं सभी के लिए। सड़क पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा कब और किस रूप में सामने आ जाए, कोई नहीं जानता। जरूरी है कि हम सभी सतर्क रहें, और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

