
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की आज संयुक्त प्रेस वार्ता में कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक गंभीर स्थिति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने पश्चिमी सीमा पर ड्रोन, भारी गोला-बारूद, लंबी दूरी के हथियारों और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का उपयोग कर भारतीय सेना के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
कर्नल सोफिया ने बताया कि यह हमला एक पूर्व नियोजित और सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था, जिसका मकसद भारत की सामरिक तैयारियों को कमजोर करना था। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमारी वायुसेना और जमीनी टुकड़ियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं और जवाबी कार्रवाई की योजना भी तैयार है।”
इसके अतिरिक्त विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस आक्रामक कार्रवाई का मुद्दा उठाएगा। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के खिलाफ सीधी कार्रवाई है।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने यह भी बताया कि ड्रोन हमलों के ज़रिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और निशाना साधा गया, जिससे कुछ लॉजिस्टिक ठिकानों को आंशिक क्षति भी हुई है। हालांकि, समय रहते हुए हमारे रडार सिस्टम और एंटी-ड्रोन डिफेंस ने कई प्रयासों को विफल कर दिया।
भारत की प्रतिक्रिया:
सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है
उच्चस्तरीय सैन्य बैठकें हो रही हैं
कूटनीतिक स्तर पर वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज
जवाबी रणनीति तैयार

