Panchayat Season 4 Review: चुनावी संग्राम और राजनीति के बीच थोड़ी फीकी पड़ गई कॉमेडी
June 2025 | Web Entertainment Desk
अमेज़न प्राइम वीडियो की सबसे प्रिय वेब सीरीज Panchayat का चौथा सीज़न रिलीज़ हो चुका है और इस बार कहानी पंचायत चुनाव, राजनीतिक दांव-पेंच और पावर बैलेंस के इर्द-गिर्द घूमती है। गांव की सादगी और ह्यूमर के लिए पहचाना जाने वाला यह शो इस बार एक गंभीर और सामाजिक-राजनीतिक ज़मीन पर उतरता है।
कहानी की दिशा
सीज़न 4 की स्क्रिप्ट पंचायत चुनावों को केंद्र में रखकर लिखी गई है। सचिव अभिषेक त्रिपाठी (जितेंद्र कुमार) अब चुनावी समीकरणों, विपक्षी दबाव और सत्ता की अंदरूनी राजनीति से जूझते नज़र आते हैं। वहीं प्रधान जी, विकास और प्रह्लाद जैसे प्यारे किरदार भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन जाते हैं।
कमज़ोर हुई हंसी की डोज़
जहाँ पहले तीन सीज़न हल्के-फुल्के हास्य और भावनाओं से भरे थे, वहीं इस सीज़न में कॉमेडी थोड़ी बैकफुट पर नज़र आती है। संवाद ज़रूर गूंजते हैं, लेकिन तीखी राजनीतिक तासीर के कारण वह मज़ेदार ‘ग्रामीण हास्य’ गायब सा लगता है।
अभिनय और तकनीकी पक्ष
जितेंद्र कुमार का अभिनय अब और परिपक्व हो गया है।
नीना गुप्ता और रघुबीर यादव शो की रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं।
सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर इस बार ज़्यादा गंभीर और सिनेमैटिक हैं।
निष्कर्ष
अगर आप Panchayat को सिर्फ कॉमेडी के लिए देखना पसंद करते हैं, तो यह सीज़न आपको थोड़ा गंभीर और धीमा लग सकता है। लेकिन अगर आप भारतीय गांवों की राजनीतिक हकीकत, नेतृत्व की चुनौतियों और चुनावी जमीनी सच्चाई से जुड़ना चाहते हैं, तो Panchayat Season 4 आपको निराश नहीं करेगा।
⭐ Verdict: 4/5 | देखने लायक, लेकिन हंसी के बजाय अब सोचने पर मजबूर करता है।
#Panchayat4 #PanchayatReview #AmazonPrimeIndia #RuralPolitics #JitendraKumar #WebSeries2025

