जिला प्रशासन, नगर पालिका और श्रम विभाग से समन्वित कार्रवाई की मांग
किरंदुल / दंतेवाड़ा, 27 फरवरी 2026।
किरंदुल नगर पालिका क्षेत्र में इन दिनों विभिन्न निर्माण कार्य तेज़ी से संचालित हो रहे हैं। सड़कों, भवनों और अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में स्थानीय मजदूरों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए प्रवासी श्रमिक भी बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। ये श्रमिक दिहाड़ी मजदूरी, तकनीकी कार्यों तथा मशीन ऑपरेटर के रूप में नगर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्रमिक पंजीकरण और सुरक्षा को लेकर उठे प्रश्न
विकास कार्यों की इस तेज़ रफ्तार के बीच एक गंभीर सवाल सामने आया है कि क्या इन सभी श्रमिकों का विधिवत पंजीकरण किया गया है और क्या उन्हें आवश्यक वैधानिक सुरक्षा सुविधाएं मिल रही हैं।
जानकारी के अनुसार श्रमिकों का पंजीकरण छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत अनिवार्य है, जिससे उन्हें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सहायता, मृत्यु अनुग्रह राशि तथा बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ मिल सके। नियमों के तहत ठेकेदारों के लिए श्रमिकों का बीमा कराना भी आवश्यक होता है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि किरंदुल क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से श्रमिक पंजीकरण शिविर आयोजित नहीं किए गए हैं, जिसके कारण अनेक पात्र मजदूर सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं।
प्रवासी श्रमिकों की स्थिति भी चिंता का विषय
निर्माण कार्यों में संलग्न बाहरी राज्यों के श्रमिकों के संदर्भ में भी कई सवाल उठ रहे हैं। अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूरों के लिए बने कानूनी प्रावधानों के अनुसार उनका पंजीकरण, आवास, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। यदि इन प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है तो इसे श्रमिक हितों की गंभीर अनदेखी माना जाएगा।
जनप्रतिनिधियों से पहल की अपेक्षा
नगर के नागरिकों ने अपेक्षा जताई है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर इस दिशा में ठोस पहल करें। जिला प्रशासन, नगर पालिका और श्रम विभाग के समन्वय से विशेष पंजीकरण अभियान चलाकर श्रमिकों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन और बीमा प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है।
इस संबंध में रूबी सिंह से भी पहल की अपेक्षा जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नगर पालिका स्तर पर सक्रिय पहल होने पर संबंधित विभागों को शीघ्र सक्रिय किया जा सकता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच की मांग
इसी के साथ नगर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की मांग उठी है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार, टीकाकरण और मातृत्व लाभ योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच आवश्यक बताई जा रही है।
विशेष रूप से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि समय पर मिल रही है या नहीं, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही पोषण सामग्री की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की भी नियमित निगरानी जरूरी है।
विकास के साथ श्रमिक सुरक्षा पर भी ध्यान जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि विकास कार्यों की गति जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक है श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना। यदि श्रमिकों का पंजीकरण और बीमा सुनिश्चित किया जाए तो दुर्घटना या आपात स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सकता है।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित विभागों से समन्वित कार्रवाई की मांग की है, ताकि विकास कार्यों के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी कायम रहे और श्रमिकों तथा जरूरतमंद महिलाओं को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।

