उपराष्ट्रपति पद की दौड़: विपक्ष की ओर से सुदर्शन रेड्डी मैदान में, NDA से राधाकृष्णन होंगे मुकाबले में
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025:
भारत के आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से सी. पी. राधाकृष्णन पहले ही मैदान में हैं।
यह घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस नाम पर ममता बनर्जी की भूमिका अहम रही और उनकी सहमति के बाद सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया।
कौन हैं सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रह चुके हैं।
उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है।
उन्हें गोवा के पहले लोकायुक्त के रूप में भी नियुक्त किया गया था।
न्यायपालिका में उनकी निष्पक्षता और अनुभव को देखते हुए विपक्ष ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है।
NDA के उम्मीदवार राधाकृष्णन कौन हैं?
सी. पी. राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं। वे दक्षिण भारत में पार्टी का मजबूत चेहरा माने जाते हैं।
राजनीतिक समीकरण
यह मुकाबला अब सिर्फ सत्ता और विपक्ष के बीच नहीं बल्कि राजनीतिक अनुभव बनाम न्यायिक गरिमा का हो गया है। एक तरफ सरकार का राजनीतिक चेहरा है, तो दूसरी तरफ न्यायिक पृष्ठभूमि से आए एक सशक्त उम्मीदवार।
विपक्ष की रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष ने यह कदम सोच-समझकर उठाया है। यह उम्मीदवार भाजपा को नैतिक और वैचारिक रूप से टक्कर देने में सक्षम माना जा रहा है। खासकर तब, जब विपक्ष सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगाता रहा है।
चुनाव की तारीख
उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान 9 सितंबर 2025 को होगा। इस चुनाव के नतीजे देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
बी. सुदर्शन रेड्डी जैसे न्यायविद का मैदान में उतरना भारतीय राजनीति में एक नया संदेश देता है – कि लोकतंत्र में न्यायिक सोच और संवैधानिक मूल्यों को भी जगह दी जाए। अब देखना यह है कि क्या विपक्ष इस रणनीति से कोई बड़ा सियासी लाभ उठा पाएगा या नहीं।

