केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत: बुजुर्ग माता-पिता की सेवा के लिए हर साल मिलेगी 30 दिन की छुट्टी
📍 नई दिल्ली | 25 जुलाई 2025
देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब वे हर साल 30 दिन की अर्जित छुट्टी (Earned Leave) का उपयोग अपने बुजुर्ग माता-पिता या किसी अन्य पारिवारिक सदस्य की सेवा या देखभाल के लिए कर सकेंगे — बिना वेतन कटौती के।
यह स्पष्टिकरण केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा राज्यसभा में दिया गया। उन्होंने कहा कि “Central Civil Services (Leave) Rules, 1972” के तहत पहले से ही यह प्रावधान मौजूद है, जिसमें कर्मचारी व्यक्तिगत कारणों के लिए अर्जित छुट्टियाँ ले सकते हैं। इसमें माता-पिता की देखभाल भी शामिल है।
📋 मुख्य बिंदु
| 🔹 मुद्दा | 🔸 विवरण |
|---|---|
| किसे मिलेगा लाभ? | सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी |
| कितनी छुट्टी? | साल में 30 दिन की अर्जित छुट्टी (EL) |
| उद्देश्य | बुजुर्ग माता-पिता या परिजनों की देखभाल |
| वेतन कटेगा? | नहीं, पूरी सैलरी मिलेगी |
| अलग से elder-care leave? | नहीं, मौजूदा EL के अंतर्गत ही मान्य |
🧾 क्या कहता है नियम?
केंद्रीय कर्मचारियों को हर वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी मिलती है। इन छुट्टियों को व्यक्तिगत कारणों के लिए उपयोग किया जा सकता है – जैसे कि पारिवारिक स्वास्थ्य देखभाल, माता-पिता की सेवा, या निजी जिम्मेदारियाँ।
अर्जित छुट्टियाँ 1 जनवरी और 1 जुलाई को दो चरणों में जमा होती हैं।
कर्मचारी चाहे तो इसे एक बार में या आवश्यकता अनुसार विभाजित करके ले सकता है।
🎯 इस फैसले का उद्देश्य
यह कदम सरकार की “सम्मानपूर्वक वृद्ध जीवन” की नीति को मजबूत करता है। बुजुर्गों की देखभाल में कर्मचारियों को मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक सहयोग मिले — इसी भावना से यह व्यवस्था लागू की गई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा:
“आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए भी समय मिलना जरूरी है। यह व्यवस्था वर्क-लाइफ बैलेंस और सामाजिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
🧓🏻 क्या कहती है जनता?
अनेक कर्मचारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस स्पष्टिकरण का स्वागत किया है। इससे कर्मचारियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा कि वे परिवार और नौकरी दोनों के बीच संतुलन बना सकते हैं।
📢 निष्कर्ष
यह कोई नई छुट्टी नहीं है, बल्कि पहले से उपलब्ध “Earned Leave” का एक मानवीय उपयोग है। सरकार द्वारा इसका स्पष्टिकरण देना एक सकारात्मक संकेत है कि अब कर्मचारियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा के लिए छुट्टी लेने में झिझक नहीं होगी।

