Sona Group विवाद: ₹30,000 करोड़ की कंपनी पर सास और बहू के बीच छिड़ी जंग, जानिए पूरा मामला
भारत की अग्रणी ऑटो कंपोनेंट कंपनियों में से एक Sona Group को लेकर भीषण पारिवारिक विवाद सामने आया है। यह विवाद ₹30,000 करोड़ की संपत्ति पर अधिकार को लेकर संजय कपूर की पत्नी वंदना कपूर और उनकी 87 वर्षीय मां सुशीला देवी कपूर के बीच छिड़ा है।
संजय कपूर की मृत्यु के बाद, उनकी पत्नी वंदना कपूर ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में याचिका दायर कर यह दावा किया है कि वह और उनके दो बेटे Sona BLW Precision Forgings Ltd (Sona Comstar) में संजय के हिस्से के वैध उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सुशीला देवी ने कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में छेड़छाड़ कर उन्हें इस अधिकार से वंचित कर दिया।
वंदना का कहना है कि सुशीला देवी ने कंपनी में गुप्त लेनदेन और कॉरपोरेट नियमों का उल्लंघन करते हुए संजय कपूर के शेयरों पर नियंत्रण कर लिया है। उन्होंने कोर्ट से कंपनी का फॉरेंसिक ऑडिट करवाने और किसी भी तरह की शेयर ट्रांसफर पर रोक लगाने की मांग की है।
Sona Group, जो कभी एक पारिवारिक व्यवसाय था, संजय कपूर के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरा। उनके निधन के बाद पैदा हुई इस सत्ता की खाली जगह ने अब कंपनी की साख और भविष्य दोनों को खतरे में डाल दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला सुलझा नहीं, तो इससे कंपनी में निवेशकों का भरोसा भी डगमगा सकता है। कंपनी में अमेरिकी फर्म Blackstone जैसी वैश्विक कंपनियों की हिस्सेदारी भी है, जिससे यह विवाद और भी संवेदनशील बन जाता है।
अब सभी की नजरें NCLT की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने कानूनी दस्तों के साथ आमने-सामने होंगे। यह विवाद न केवल एक परिवार की लड़ाई है, बल्कि भारत में कॉर्पोरेट उत्तराधिकार और पारदर्शिता के मुद्दों को भी उजागर करता है।

