“कांग्रेस‑RJD राज में बिहार में विकास नहीं हुआ” — मोतिहारी से बोले पीएम मोदी
मोतिहारी, बिहार | 18 जुलाई 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कांग्रेस‑RJD के शासन में बिहार का विकास ठप रहा।” उन्होंने दावा किया कि बिहार को भ्रष्टाचार, जातिवाद और राजनीतिक अस्थिरता के कुचक्र से बाहर निकालने का काम एनडीए सरकार ने किया है।
🔍 पीएम मोदी के मुख्य बयान
“विकास को लूट में बदल दिया गया था”
पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों के समय में विकास केवल कागज़ों पर हुआ, जबकि जमीन पर कुछ नहीं दिखा।“हमारी सरकार ने नारी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी”
उन्होंने बताया कि बिहार में 3.5 करोड़ महिलाओं के जनधन खाते खोले गए हैं और हजारों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।“युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ा गया”
पीएम ने कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में तकनीकी संस्थानों, सड़कों और रेलवे को तेज़ी से विकसित किया गया है।
🛠️ ₹7,200 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मोदी ने इस दौरे में करीब ₹7,200 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें शामिल हैं:
| परियोजना प्रकार | लागत (₹ करोड़) | प्रमुख कार्य |
|---|---|---|
| रेलवे | 5,398 | लाइन डबलिंग, स्टेशन उन्नयन |
| सड़कें | 1,173 | राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण |
| आवास योजना | 162 | 40,000 से अधिक लाभार्थी |
| अमृत भारत ट्रेनें | – | चार नई ट्रेनों का शुभारंभ |
| डिजिटल इंफ्रा | 63 | IT हब, ई-गवर्नेंस केंद्र |
🛡️ सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
पीएम मोदी की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया था। कार्यक्रम स्थल पर:
10,000 पुलिसकर्मी तैनात
16 IPS अधिकारी नियुक्त
दो अस्थायी हेलिपैड बनाए गए
ATS, SSB और SPG की विशेष निगरानी रही
🗳️ विपक्ष का पलटवार
प्रधानमंत्री के भाषण पर आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“आज प्रधानमंत्री झूठ सुनाने बिहार आए हैं, क्या आप झूठ सुनना पसंद करेंगे?”
वहीं कांग्रेस ने पूछा कि यदि 11 वर्षों से केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार है, तो अभी तक बिहार को क्यों नहीं मिला अपेक्षित विकास?
📌 निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मोतिहारी दौरा न सिर्फ विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के लिए, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक संकेतों और शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी को सीधे निशाने पर लिया और दावा किया कि अब बिहार “तेज विकास” के रास्ते पर चल पड़ा है।

