पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ हुआ शुभारंभ, 15 फरवरी तक चलेगा मेला
पिछली साल ही प्रयागराज में दुनिया सबसे बड़ा धार्मिक “महाकुंभ” का आयोजन हुआ था जिसमें दुनियाभर से करोड़ों लोगों ने डुबकी लगाई और यह इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन बन गया। वहीं ठीक एक साल बाद फिर से प्रयागराज में विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 का शुभारंभ शुक्रवार को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ हो गया। त्रिवेणी संगम के तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
44 दिनों तक चलेगा माघ मेला
माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक किया जाएगा। इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे, जिन पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है।
माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्व
पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी
मकर संक्रांति – 15 जनवरी
मौनी अमावस्या – 18 जनवरी (सबसे बड़ा स्नान)
बसंत पंचमी – 23 जनवरी
माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी
महाशिवरात्रि – 15 फरवरी
पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
प्रशासन के अनुसार, मेला शुरू होने के पहले ही दिन 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। पूरे माघ मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने की संभावना जताई गई है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं।
AI आधारित CCTV कैमरे और ड्रोन निगरानी
जल पुलिस, NDRF और SDRF की तैनाती
मेला क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
आपात स्थिति के लिए 24×7 कंट्रोल रूम
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
मोबाइल मेडिकल यूनिट
भोजन सुरक्षा जांच टीमें
स्वच्छता कर्मियों की 24×7 तैनाती
पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
माघ मेला सनातन धर्म की एक प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपरा है। संगम स्नान को आत्म-शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम माना जाता है। मेला केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और भारतीय परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है।

