जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के नाम पर चर्चा तेज़, BJP बोली – उपराष्ट्रपति बनाया जाए
Updated: 22 जुलाई 2025 | लेखक: [आपका नाम]
🔔 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: राजनीति में हलचल
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे गए त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि उन्हें डॉक्टरी सलाह के अनुसार लंबा आराम करना होगा।
धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है।
🔍 नीतीश कुमार का नाम क्यों आ रहा है चर्चा में?
धनखड़ के त्यागपत्र के कुछ ही घंटों के भीतर JDU प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए जोर-शोर से चर्चा में आने लगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
नीतीश कुमार एक अनुभवी और स्वीकार्य चेहरा हैं।
NDA गठबंधन को संतुलन में रखने के लिए उनका चयन रणनीतिक रूप से कारगर हो सकता है।
भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का समर्थन करते हुए उन्हें “योग्य उम्मीदवार” बताया है।
🏛️ भाजपा की प्रतिक्रिया: “नीतीश कुमार को बनाएं उपराष्ट्रपति”
बीजेपी की तरफ़ से आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति पद के लिए एक गंभीर विकल्प मान रही है। ऐसा कदम:
भाजपा और जेडीयू के संबंधों को और मज़बूत कर सकता है।
विपक्ष के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।
नीतीश कुमार को एक गरिमामयी विदाई देने जैसा होगा, जो उनके अनुभव को सम्मानित करेगा।
🗓️ आगे की प्रक्रिया: चुनाव कब होगा?
भारत के संविधान के अनुसार, यदि उपराष्ट्रपति का पद रिक्त होता है, तो छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है, संभवतः अगस्त 2025 में मतदान हो।
संभावित उम्मीदवारों की सूची:
नीतीश कुमार (JDU, NDA समर्थित)
गुलाम नबी आज़ाद (संभावित विपक्षी उम्मीदवार)
सुषील कुमार मोदी (भाजपा, लेकिन कम संभावना)
⚠️ विपक्ष का दावा: “धनखड़ के इस्तीफे के पीछे कुछ और है”
कांग्रेस और राजद ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है:
“ये सिर्फ स्वास्थ्य कारण नहीं हो सकते। इस्तीफे के पीछे कुछ और गंभीर वजह है, जिसे छुपाया जा रहा है।”
इसके जवाब में भाजपा ने विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
🧾 निष्कर्ष
धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या नीतीश कुमार वास्तव में देश के अगले उपराष्ट्रपति बनेंगे?
भाजपा-जेडीयू के रिश्तों के इस नए अध्याय से भारतीय राजनीति का समीकरण बदल सकता है।

