ब्राह्मण समाज की अस्मिता और सम्मान को मुद्दा बनाकर अचानक इस्तीफा देने वाले बरेली से सिटी मजिस्ट्रेट पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर बात की है। शंकराचार्य ने सनातन को लेकर उठाए गए उनके कदम की सराहना की और उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही शंकराचार्य ने उन्हें बड़ा ऑफर भी दिया है। अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलके में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने माघ मेले में शंकराचार्य और उनके ब्राह्मण बटुकों के साथ हुए अन्याय और यूजीसी के नए एक्ट के विरोध में इस्तीफे का ऐलान किया है। इसके साथ ही यूपी सरकार को ब्राह्मण विरोधी करार दिया है। देर रात अलंकार को निलंबित भी करते हुए उनके खिलाफ जांच का आदेश दे दिया गया है।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या से ही अपने शिविर के बाहर डेरा जमाए शंकराचार्य ने अलंकार से फोन पर बातचीत की। अलंकार ने चरण स्पर्श के साथ शंकराचार्य से आशीर्वाद मांगा। इस पर शंकराचार्य ने उनका हालचाल पूछा और कहा कि आपके इस्तीफे की खबर सुनने से हम लोगों के मन में दो तरह की प्रतिक्रिया हो रही है। एक तो दुख हो रहा है कि कितनी लगन से आपने पढ़ाई लिखाई की होगी, तब जाकर इस पद पर आए होंगे। आज एक झटके में आपका पद चला गया है।
शंकराचार्य ने कहा कि दूसरी तरफ आपने सनातन धर्म के प्रति और सनातन धर्म के प्रतीकों के प्रति अपनी निष्ठा का जिस तरह से प्रदर्शन किया है, उससे पूरा सनातनी समाज खुश है और आपका खूब-खूब अभिनंदन करता है। इसके साथ ही शंकराचार्य ने अलंकार अग्निहोत्री को एक बड़ा पद भी ऑफर किया। शंकराचार्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि आप जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में और आगे आएं। जो पद सरकार ने आपको दिया था, उससे बड़ा धर्म के क्षेत्र का पद आपको देने का हम प्रस्ताव करते हैं। शंकराचार्य से फोन पर ही आशीर्वाद लेने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही आपसे मुलाकात भी करेंगे।

