बरेली मंडल को पहली यूनानी मेडिकल कॉलेज की सौगात, 6000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
बरेली | 6 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। यहां हजियापुर में राज्य का तीसरा और मंडल का पहला राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं 100-बेड अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बहुप्रतीक्षित संस्थान का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह न केवल आयुष चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार भी खोलेगा।
🔍 परियोजना की मुख्य विशेषताएं
स्थान: हजियापुर, बरेली
क्षेत्रफल: 6.3 एकड़
प्रमुख सुविधाएं: यूनानी मेडिकल कॉलेज, 100-बेड अस्पताल, छात्रावास (144 छात्रों के लिए), ओपीडी सेवाएं
निर्माण लागत: ₹129 करोड़
उद्देश्य: यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना, मेडिकल एजुकेशन व रोजगार के अवसर
👨⚕️ युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस मेडिकल कॉलेज के संचालन से पहले ही 6000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए गए हैं।
प्रदेश सरकार के “सीएम युवा उद्यमी योजना” के तहत रोजगार मेला आयोजित किया गया, जहां कई निजी कंपनियों ने चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकारी स्तर पर भी कॉलेज में प्रोफेसर, लेक्चरर, चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन जैसे पदों पर भर्तियां जल्द शुरू होने की संभावना है।
⚠️ निर्माण में आई थी कुछ रुकावटें
हालांकि इस कॉलेज का निर्माण लगभग मार्च 2024 तक पूरा हो गया था, लेकिन विद्युत कनेक्शन में देरी के कारण संचालन में बाधा आई।
7.35 करोड़ रुपये का बिजली कनेक्शन प्रस्ताव लंबे समय तक विभागों के बीच अटका रहा।
अब मुख्यमंत्री कार्यालय और आयुष विभाग की निगरानी में यह मुद्दा हल कर लिया गया है और कॉलेज के संचालन की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
📜 मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“बरेली मंडल का यह पहला यूनानी मेडिकल कॉलेज न केवल युवाओं के भविष्य को संवारेगा, बल्कि आयुष चिकित्सा को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय बनाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हर मंडल में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और सेवाएं उपलब्ध हों।”
📈 भविष्य की योजनाएं
आने वाले वर्षों में कॉलेज में PG (पोस्ट ग्रेजुएट) यूनानी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
अस्पताल में जल्द ही यूनानी के साथ-साथ आयुर्वेद और होम्योपैथी ओपीडी भी खोले जाने की योजना है।
कॉलेज को राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
🧠 निष्कर्ष
बरेली का यह यूनानी मेडिकल कॉलेज न केवल क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए आशा की किरण भी बनकर उभरेगा।
यह परियोजना आयुष शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा सेवा—तीनों ही क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को एक नई ऊंचाई की ओर ले जाएगी।

