बिहार SIR विवाद: कटिहार में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, हिंदू परिवार के पते पर जुड़े मुस्लिम नाम
कटिहार जिले में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जहां हिंदू परिवारों के पते पर मुस्लिम नाम जुड़ने की शिकायतें मिल रही हैं। इस मुद्दे ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का संक्षिप्त विवरण
बिहार के कटिहार जिले में हाल ही में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) की गहन समीक्षा प्रक्रिया (SIR) के दौरान यह विसंगति सामने आई है कि कई हिंदू परिवारों के पते पर बिना अनुमति मुस्लिम नाम दर्ज किए गए हैं। इससे स्थानीय लोग और राजनीतिक दल गंभीर रूप से चिंतित हैं। आरोप है कि यह गड़बड़ी जानबूझकर की गई है।
SIR क्या है?
SIR (Special Intensive Revision) मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया है। बिहार में इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें कई असल मतदाता भी हो सकते हैं। यह विवाद इसीलिए गर्माया है क्योंकि इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होने का डर है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
तेजस्वी यादव (राजद): उन्होंने निर्वाचन आयोग पर मतदाता नाम हटाने का आरोप लगाते हुए इसे चुनाव प्रक्रिया पर हमला बताया है।
असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM): SIR प्रक्रिया को “बैकडोर NRC” करार देते हुए आरोप लगाया है कि यह गरीब और मुस्लिम बहुल इलाकों के मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश है।
भाजपा: इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया 100% आधार कार्ड सत्यापन के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
कटिहार की स्थिति
कटिहार में हिंदू परिवारों के पते पर मुस्लिम नाम जुड़ने की घटना ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता को संकट में डाल दिया है। स्थानीय लोगों में भारी रोष है और निर्वाचन आयोग से जल्द जांच व उचित कार्रवाई की मांग हो रही है।
निष्कर्ष
मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा लोकतंत्र की नींव को प्रभावित करता है। चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बिहार निर्वाचन आयोग को इस मामले की तुरंत जांच करनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

