बिहार में खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती: सीएम नीतीश कुमार की बड़ी घोषणा, महिलाओं को मिलेगा विशेष आरक्षण
पटना, 11 जुलाई 2025 — बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्दी ही 1.5 लाख से अधिक रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा, जो सिर्फ बिहार की निवासी महिलाओं के लिए लागू होगा।
🔹 मुख्य घोषणाएं
| 📌 बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ✅ खाली पद | 1,51,579 सरकारी पद जल्द भरने की तैयारी |
| 👩🎓 महिला आरक्षण | 35% आरक्षण केवल बिहार की महिलाओं के लिए |
| 🧑💼 नई संस्था | बिहार युवा आयोग का गठन |
| 🏥 स्वास्थ्य + शिक्षा | ANM/GNM और शिक्षकों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति |
| 👮♂️ पुलिस बल | 2.29 लाख पदों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में |
👩💼 महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
सीएम नीतीश ने कहा:
“अब सरकारी नौकरियों में महिलाओं को सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि नेतृत्व में भी स्थान मिलेगा। यह आरक्षण राज्य की बेटियों के भविष्य को सशक्त करेगा।”
यह आरक्षण हर सरकारी विभाग में लागू होगा — प्रत्यक्ष भर्ती, अनुबंध आधारित नियुक्ति, आउटसोर्सिंग आदि सभी प्रकार की सेवाएं इसके दायरे में आएंगी।
🧑🔬 53,000 से ज्यादा स्थायी पद महिलाओं के लिए
53,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रत्यक्ष तौर पर महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, पंचायत विभाग आदि में महिलाओं की भागीदारी तेज़ी से बढ़ेगी।
🧭 बिहार युवा आयोग का गठन
राज्य सरकार ने बिहार युवा आयोग की स्थापना की घोषणा की है, जिसकी संरचना होगी:
1 अध्यक्ष
2 उपाध्यक्ष
7 सदस्य (सभी 45 वर्ष से कम उम्र के)
यह आयोग युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, ड्रग-एडिक्शन विरोध, और नीति-निर्माण में मार्गदर्शन देगा।
📈 भर्ती अभियान के अन्य पहलू
अब तक 3 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है।
स्कूलों में प्यूपिल-टीचर रेशियो अब राष्ट्रीय औसत 35 की तुलना में बेहतर होकर 28 हो गया है।
ANM/GNM जैसे स्वास्थ्य पदों की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है।
राज्य में पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 2.29 लाख पदों की भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
📣 यह निर्णय क्यों अहम है?
यह कदम बिहार में स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देता है।
महिला आरक्षण को सशक्त रूप देकर सरकार ने चुनावी रणनीति में भी बड़ा दांव चला है।
युवाओं के लिए स्थायी नौकरियों का द्वार खोलने से राज्य में बेरोजगारी दर में गिरावट की उम्मीद है।

