छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले का बड़ा खुलासा: 22 अफसर निलंबित, ₹3200 करोड़ की लूट का पर्दाफाश
रायपुर, 11 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार में बड़ा प्रशासनिक भूचाल आया है। राज्य के आबकारी विभाग में ₹3200 करोड़ के शराब घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर 22 अफसरों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। यह अब तक का राज्य का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला माना जा रहा है।
🔍 घोटाले की मुख्य बातें:
| 🔹 पहलू | 🔸 विवरण |
|---|---|
| 💰 घोटाले की राशि | ₹3200 करोड़ (पहले अनुमान ₹2200 करोड़ था) |
| 🚚 अवैध आपूर्ति | हर महीने 400 ट्रक तक अवैध शराब की सप्लाई |
| 🧾 कार्रवाई | 29 अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू का चालान |
| 🔒 सस्पेंशन | 22 आबकारी अफसर निलंबित |
🛑 किस-किस पर गिरी सरकार की गाज?
निलंबित किए गए अधिकारियों में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं:
मोहित कुमार जायसवाल
गरीबपल सिंह
प्रमोद नेताम
आशीष कोसम
सौरभ बख्शी
रामकृष्ण मिश्रा
इन पर लाइसेंस, आपूर्ति, रजिस्ट्रेशन और रिपोर्टिंग में भ्रष्टाचार का आरोप है। EOW (Economic Offenses Wing) ने इनके खिलाफ विस्तृत चालान कोर्ट में प्रस्तुत किया है।
🧾 जांच एजेंसी का दावा
ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में बताया:
“शुरुआत में घोटाले की राशि ₹2200 करोड़ मानी जा रही थी, लेकिन गहन जांच में यह ₹3200 करोड़ तक पहुंच गई है। दस्तावेज़ों, ट्रक मूवमेंट डेटा और बैंक खातों की समीक्षा से यह आंकड़ा स्पष्ट हुआ।”
— ईओडब्ल्यू सूत्र, रायपुर
⚖️ आगे क्या?
राज्य सरकार की ओर से संकेत मिला है कि सीबीआई या ईडी जांच की सिफारिश की जा सकती है।
अभियुक्त अफसरों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
घोटाले से जुड़े राजनीतिक नामों और कारोबारी चैनलों की भी जांच हो रही है।
📌 इस घोटाले का प्रभाव
| 📊 क्षेत्र | 📉 प्रभाव |
|---|---|
| प्रशासनिक छवि | विश्वास संकट, अफसरों में हड़कंप |
| आर्थिक नुकसान | सरकारी खजाने को हजारों करोड़ की चपत |
| राजनीतिक असर | विपक्ष का हमला, सीएम पर जवाबदेही का दबाव |
| जनता में असर | शराब नीति पर सवाल, ईमानदार प्रशासन की मांग |
✍️ निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में यह शराब घोटाला सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरे तंत्र में जड़ तक फैले भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। अब देखना होगा कि क्या यह कार्रवाई गिरफ्तारियों तक जाती है या यह सिर्फ एक प्रशासनिक ड्रामा बनकर रह जाती है।

