सावन 2025 की शुरुआत: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
गोरखपुर, 11 जुलाई 2025 – श्रावण मास की पवित्र शुरुआत पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में विधिपूर्वक रुद्राभिषेक और विशेष हवन किया। इस दौरान उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों की सुख-शांति, आरोग्यता और समृद्धि के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की।
🔹 पूजा-अनुष्ठान का विवरण
इस शुभ अवसर पर सीएम योगी ने शिवलिंग पर निम्न सामग्री से रुद्राभिषेक किया:
दूध, जल, गंगाजल, शहद और ऋतुफलों से निर्मित पंचामृत
बिल्वपत्र, दूब, कमल आदि पवित्र पुष्पों की अर्पणा
शुक्ल यजुर्वेद संहिता से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न
समापन पर आरती और सामूहिक प्रार्थना
पूरे अनुष्ठान में संतों, वेदपाठी ब्राह्मणों और मंदिर प्रबंधन ने भाग लिया।
🙏 सीएम योगी का संदेश
रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को सावन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:
“श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पर्व है। यह आत्मशुद्धि और लोककल्याण का अवसर है। मैं प्रदेश की जनता के सुख, स्वास्थ्य और समृद्ध जीवन के लिए बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना करता हूं।”
🕉️ सावन माह का आध्यात्मिक महत्व
सावन शिवभक्ति का सबसे पुण्यकारी मास माना जाता है।
इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, सोमवार व्रत, महामृत्युंजय जप आदि का विशेष महत्व है।
धार्मिक मान्यता है कि इस मास में शिवभक्ति से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, पापों का नाश होता है और मानसिक शांति मिलती है।
📸 आयोजन की झलकियाँ
| 📍 स्थान | 🕒 समय | 🚩 आयोजन |
|---|---|---|
| गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर | प्रातः 7:00 बजे | रुद्राभिषेक व वैदिक हवन |
🧘 सावन के दौरान क्या करें?
प्रतिदिन “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें
हर सोमवार को व्रत रखें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
घर या मंदिर में रुद्राभिषेक करें
अगर संभव हो, तो कांवड़ यात्रा में भाग लें या श्रद्धा से जल अर्पित करें
📜 पंचामृत की विधि (घर में उपयोग हेतु)
| सामग्री | मात्रा / विशेषता |
|---|---|
| दूध | पवित्रता और पोषण का प्रतीक |
| दही | शीतलता और संतुलन |
| घी | ऊर्जा और प्रकाश |
| शहद | मधुरता और समरसता |
| मिश्री या गंगाजल | शुद्धता और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत |
इन सभी को मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें।

