पहले तो राजनीति के साथ रोमांस का मिलन हो…

और हंगामा ना उठे, ऐसा मुमकिन ही नहीं।
दीपक गिरी-पूनम पंडित की शादी के रजिस्ट्रेशन से पहले खड़ा हुआ बखेड़ा…महिला बोली-मैं हूं पत्नी

लेकिन, इस बार कहानी महज प्रेम-संबंधों या उसपर उठे विवाद तक नहीं रुक रही। पूरे मेरठ मंडल की सियासत में हलचल पैदा करने वाली ये कहानी है समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता दीपक गिरी , उनकी प्रेमिका और किसान आंदोलन से खबरों में आई कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित के बीच उलझे रिश्तों की। 15 अक्टूबर को पूनम पंडित और दीपक गिरी की सगाई हुई, रिंग सेरेमनी के फोटो वायरल होने पर इसका राजफाश हुआ
आई बताते हैं क्या है अंदर की कहानी
दीपक गिरी की प्रेमिका ने व्हॉट्सऐप चैट को फेसबुक पर शेयर कर एक बड़ा दावा किया है। इस चैट में दीपक गिरी के शब्द उनकी निजी जिंदगी को उजागर करते हैं। शेयर की गई एक चैट में दीपक ने भावुक होकर लिखा, ‘मैं एक सूखा पेड़ था… तूने मुझे दोबारा लगाया, पानी दिया, खाद दी, मुझे जिंदा किया। तू मेरी बैसाखी बनी, मेरी जिंदगी का वो हीरा बनी, जिसने मेरी दुनिया को रोशन किया। तूने मुझे चार जगह बेइज्जत होने से बचाया, मेरी इज्जत की चार्जिंग की… मरते दम तक मैं तेरा ऋणी रहूंगा।’ इस बातचीत में चौंकाने वाला हिस्सा तब सामने आता है, जब दीपक रिश्ते को कायम रखने के लिए शर्तों की बात करते हैं।
