इसरो अध्यक्ष का बड़ा एलान: 5 साल में बनेगा भारत का खुद का अंतरिक्ष केंद्र, 2040 तक भेजेंगे यात्री चंद्रमा पर
देहरादून में आयोजित एक वैज्ञानिक सम्मेलन में इसरो (ISRO) अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने भारत के अंतरिक्ष मिशन को लेकर एक बेहद अहम और दूरगामी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत अगले पांच वर्षों के भीतर अपना स्वदेशी अंतरिक्ष केंद्र (Space Station) स्थापित करेगा और वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय यात्रियों को भेजने का लक्ष्य रखा गया है। यह बयान भारत की अंतरिक्ष शक्ति को नए आयाम देने वाला माना जा रहा है।
सोमनाथ ने कहा कि इसरो पूरी प्रतिबद्धता के साथ दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है, जिसमें न सिर्फ Gaganyaan (मानवयुक्त मिशन) को सफल बनाना है, बल्कि उसके बाद भारत को अंतरिक्ष पर्यटन, चंद्रमा, मंगल और अंतरग्रहीय मिशनों में अग्रणी देशों की सूची में लाना है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष केंद्र की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान, दीर्घकालिक अंतरिक्ष निवास, और आने वाले मानव मिशनों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित करना है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का चंद्रमा मिशन 2040 तक पूरी तरह मानवयुक्त होगा, जहां भारतीय यात्री स्वयं चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे।
इसरो अध्यक्ष की यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विज़न के तहत एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह मिशन देश के युवाओं को विज्ञान और तकनीक की ओर प्रेरित करेगा, साथ ही वैश्विक अंतरिक्ष दौड़ में भारत की भागीदारी को और मज़बूत करेगा।
🔭 Highlights:
2028 तक बनेगा भारत का पहला स्वदेशी स्पेस स्टेशन
2040 तक चंद्रमा पर भारतीयों की लैंडिंग
ISRO का फोकस अब अंतरिक्ष अन्वेषण से मानव उपस्थिति पर
नई तकनीकों और निजी भागीदारी के साथ अंतरिक्ष कार्यक्रम का विस्तार
युवा वैज्ञानिकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

