धराली आपदा: खराब मौसम बना रेस्क्यू में बाधा, अब तक 1,273 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, राहत कार्य जारी
📍 स्थान: उत्तरकाशी, उत्तराखंड
📅 तारीख: 11 अगस्त 2025
✍️ लेखक: वेब डेस्क
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। बादल फटने, भूस्खलन और तेज़ बारिश के चलते सैकड़ों लोग इस क्षेत्र में फंसे हुए थे। अब तक 1,273 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। हालांकि, खराब मौसम, कीचड़, मलबा और धुंध राहत कार्यों में बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।
🔴 प्रमुख अपडेट्स
✅ अब तक रेस्क्यू किए गए लोग: 1,273
🚁 रेस्क्यू में शामिल एजेंसियाँ: ITBP, NDRF, SDRF, सेना, वायुसेना और स्थानीय प्रशासन
⚠️ प्रमुख बाधाएं: घना कोहरा, टूटे पुल, मलबा और खराब विजिबिलिटी
📦 राहत शिविर: मातली, चिन्यालीसौड़ और देहरादून में स्थापित
🙏 अब भी कई ग्रामीण और पर्यटक फंसे हुए हैं; बचाव कार्य जारी है
🌧️ मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
राहत एजेंसियों को सबसे ज्यादा चुनौती मौसम की खराबी से मिल रही है। लगातार बारिश, कीचड़ और घना कोहरा हेलीकॉप्टर ऑपरेशन में बाधा डाल रहे हैं। हेलिपैड तक पहुंचना मुश्किल, और दृश्यता बेहद कम होने के कारण कई बार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
“जैसे ही मौसम साफ होता है, हेलिकॉप्टर ऑपरेशन फिर से शुरू किया जाता है। ज़मीन पर टीमें लगातार कार्यरत हैं।”
— प्रशासनिक अधिकारी, उत्तरकाशी
🚁 राहत और बचाव एजेंसियों का साझा अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सेना, वायुसेना और आपदा प्रबंधन की टीमें एक साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। ITBP और SDRF की ज़मीनी टीमें दूरस्थ गांवों तक राहत पहुंचा रही हैं।
🔹 367 यात्रियों को हर्षिल से रेस्क्यू किया गया
🔹 धराली, पुराली, बगोरी, झाला, गरम कुण्ड आदि क्षेत्रों में गहन रेस्क्यू
🔹 16 से अधिक लोग अब भी लापता
🔹 स्वास्थ्य सचिव ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा की
🏠 सरकार का राहत पैकेज
मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित लोगों के लिए 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि, 6 महीने का मुफ्त राशन, और पुनर्वास के लिए विशेष योजना की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि हर प्रभावित को पुनर्वास की पूरी सहायता दी जाएगी।
“प्रभावित हर परिवार को सम्मान के साथ बसाया जाएगा, उनकी ज़रूरतें पूरी की जाएंगी।”
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
📢 निष्कर्ष
धराली और उसके आसपास के क्षेत्रों में आई इस आपदा ने एक बार फिर दिखा दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। राहत एजेंसियां पूरी तत्परता से जुटी हैं, लेकिन मौसम सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर राहत अभियान को तेज कर रही हैं।

