
गाजियाबाद- राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट सोसाइटी में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा बिल्डर को दी गई सरकारी बिजली लोड में सरकार/यूपीपीसीएल को पहुंचाए जा रहे राजस्व घाटे को लेकर सोसाइटी निवासी कुलदीप एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट विष्णु कुमार गुप्ता द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित एस०आई०टी० को जांच सौंपी गई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सोसाइटी में वर्तमान में स्वीकृत लोड 2112 केवीए चल रहा है, जिसका सरकारी फिक्स चार्ज एओए द्वारा जमा किया जा रहा है, जबकि सोसाइटी में लगभग 1500 फ्लैट एवं लगभग 100 प्लॉट हैं, जिनका एवरेज विद्युत लोड 5 किलोवाट प्रति फ्लैट/प्लॉट के बदले में निवासियों से रुo 105 /- प्रतिकिलो वाट के हिसाब से एओए अध्यक्ष द्वारा रुपए लिये जा रहे हैं, जिसकी कुल धनराशि लगभग आठ लाख रुपए होती है, जबकि ए०ओ०ए० अध्यक्ष द्वारा केवल 2112 किलोवाट का विद्युत लोड का चार्ज जो लगभग दो लाख रुपए होता है, निगम में जमा किया जा रहा है। इस प्रकार अध्यक्ष द्वारा लगभग छः लाख रुपए प्रतिमाह एवं 72 लाख रुपए सालाना का राजस्व घाटा सरकार/ यूपीपीसीएल को पहुंचाया जा रहा है। सोसाइटी में ए0ओ0ए0 अध्यक्ष द्वारा अवैध रूप से बीस हजार रुपए प्रति किलोवाट लेकर सरकारी विद्युत लोड को बेचा जा रहा है, जबकि बिल्डर द्वारा अपना विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर सोसाइटी में डेवलप करने के लिए/विद्युत लोड देने के लिए रजिस्ट्री के समय ही भारी भरकम धनराशि फ्लैट /प्लॉट क्रेता रेजिडेंट से वसूल की गई है तो किस नियम/शासनादेश/प्रावधान के तहत एओए द्वारा 20000 रुपए प्रति किलोवाट सरकारी विद्युत लोड बढ़ाने हेतु लिए जा रहे हैं ।
