उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें वह रोजगार को लेकर ई-रिक्शा चलाने को कमाई और स्वरोजगार के विकल्प के रूप में बताते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में पाठक कहते हैं कि सुबह करीब चार घंटे ई-रिक्शा चलाकर दोपहर में घर आ सकते हैं, परिवार के साथ समय बिता सकते हैं और फिर शाम से रात तक दोबारा ई-रिक्शा चला सकते हैं। उनका तर्क है कि नौकरी में किसी दूसरे के लिए तय समय पर काम करना पड़ता है, जबकि स्वरोजगार में व्यक्ति अपने समय के हिसाब से काम कर सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी बनाम स्वरोजगार को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली सलाह के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स इसे युवाओं की नौकरी की मांग से जोड़कर आलोचना कर रहे हैं।

