उत्तरकाशी में मलबा आने से यमुना नदी में झील बनी, खतरा बढ़ा — NDRF, SDRF और जिला प्रशासन ने किया अलर्ट
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी इलाके में भारी मलबा गिरने के कारण यमुना नदी का प्रवाह बाधित हो गया है। इस वजह से नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई और नदी में एक बड़ी झील का निर्माण हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है और प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।
मलबा आने की वजह और हालात
गढ़गाड़ नदी के मलबे ने यमुना नदी के मार्ग को बंद कर दिया है, जिसके कारण नदी का पानी जमा हो गया है और एक विशाल झील बन गई है। इससे आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है और स्थानीय लोगों के घर-बार को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। वे मलबा हटाने के प्रयास में जुटी हैं ताकि यमुना नदी का प्रवाह फिर से बहाल हो सके। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें।
दूसरे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति
भारी बारिश और मलबे के कारण उत्तरकाशी के अन्य हिस्सों में भी यातायात प्रभावित हुआ है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई है, जिससे आवागमन बाधित है। मरम्मत का कार्य जारी है ताकि जल्द से जल्द मार्ग खोला जा सके।
निष्कर्ष
उत्तरकाशी में मलबा और बाढ़ की स्थिति गंभीर है, जो क्षेत्रवासियों के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तत्परता से राहत कार्य कर रही हैं। स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

