नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
नोएडा। ग्राम गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-68 निवासी राजपाल पुत्र अफलातून ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जे और परिवार के सदस्य पर जानलेवा हमले के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि जमीन को लेकर हुए विवाद में खूनी संघर्ष हुआ था। मामले में न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद उसे अब तक प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है।
राजपाल के मुताबिक, जमीन पर कब्जे को लेकर वह लंबे समय से शासन-प्रशासन के चक्कर लगा रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर उसने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी फरियाद रखी। पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उसे राहत नहीं मिली है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी संबंधित लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और जमीन पर कब्जे की स्थिति बनी हुई है। राजपाल ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में लापरवाही और आरोपियों को संरक्षण दिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
निष्पक्ष जांच और जमीन कब्जामुक्त कराने की मांग
राजपाल और उसके परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन पर कब्जे के आरोपों की पड़ताल करने और हमले के मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद न्याय नहीं मिलने से परिवार परेशान है।
पुलिस और प्रशासन के जवाब का इंतजार
इस मामले में पीड़ित के आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और संबंधित दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। मामले की निष्पक्ष तस्वीर सामने लाने के लिए पुलिस का पक्ष जानना और जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
अब देखना होगा कि संबंधित पुलिस अधिकारी और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे क्या कार्रवाई होती है।

