यूपी के प्राचीन शिव मंदिरों का कायाकल्प करेगी सरकार
सात जिलों के सात मंदिरों का होगा व्यापक सौंदर्यीकरण | धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
📅 प्रकाशन तिथि: 17 जुलाई 2025
✍️ लेखक: वेब डेस्क | उत्तर प्रदेश ब्यूरो
🔷 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्त्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है। राज्य के प्राचीन शिव मंदिरों को नए स्वरूप में सजाने-संवारने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। पहले चरण में 7 जिलों के 7 मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करना है, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है।
📍 जिन जिलों में होंगे कार्य
| 🔢 | जिला | मंदिर का नाम / स्थान |
|---|---|---|
| 1️⃣ | आगरा (फतेहाबाद) | भट्टा की पिपरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर |
| 2️⃣ | फिरोजाबाद | चकलेश्वर महादेव मंदिर, समौर बाबा मंदिर |
| 3️⃣ | मैनपुरी | घंटाघर परिसर |
| 4️⃣ | गोरखपुर | भूलेश्वर मंदिर, खजनी महादेव, झारखंडी महादेव मंदिर |
| 5️⃣ | गोंडा | तीरे मनोरमा मंदिर |
| 6️⃣ | चित्रकूट | कामतानाथ परिक्रमा मार्ग (भविष्य की योजना) |
| 7️⃣ | प्रयागराज | संगम क्षेत्र स्थित मंदिर (प्रस्तावित) |
🏗️ किन एजेंसियों को सौंपी गई ज़िम्मेदारी?
UP Projects Corporation Ltd: आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद जैसे जिलों में संरचनात्मक निर्माण और परंपरागत स्थापत्य का समावेश।
UP State Tourism Development Corporation: गोंडा और गोरखपुर में सौंदर्यीकरण व सुविधाएँ जैसे सड़क, पानी, पार्किंग, बैठने की जगह आदि।
स्थानीय प्रशासन एवं पुरातत्व विभाग: मंदिर की मौलिकता को बनाए रखने हेतु निगरानी।
🌸 क्या-क्या किया जाएगा?
मंदिर परिसर की दीवारों, मुख्य द्वार, सभा मंडप, शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था।
LED प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग ज़ोन, दर्शनार्थियों के लिए विश्राम स्थल।
मूर्तियों और शिलालेखों की मरम्मत।
मंदिरों के निकटवर्ती क्षेत्र में हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) का निर्माण।
📈 इस योजना से होने वाले लाभ:
🔹 धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी संभव।
🔹 स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
गाइड, होमस्टे, हस्तशिल्प, परिवहन और भोजन सेवा जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियाँ।
🔹 सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
प्राचीन मंदिरों की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखा जाएगा।
🔹 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
कायाकल्प से इन स्थानों का सामाजिक और आर्थिक विकास होगा।
📣 मुख्यमंत्री का संदेश
“हमारे मंदिर न केवल आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और इतिहास के सजीव दस्तावेज़ भी हैं। इनका संरक्षण हमारी ज़िम्मेदारी है।“
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
📌 निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल सिर्फ धार्मिक स्थल के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आध्यात्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का भी वाहक बनेगा।

