जनता की नाराजगी और लगातार विवादों के बाद हुगली प्रधान को मूल पद पर भेजा गया, विनीत साव को मिली नई जिम्मेदारी
दंतेवाड़ा:- नगर पंचायत गीदम में आखिरकार प्रशासनिक बदलाव हो गया। लंबे समय से विवादों और शिकायतों को लेकर सुर्खियों में रहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती हुगली प्रधान को शासन ने उनके पद से हटाते हुए मूल पद सहायक लिपिक वर्ग-2, दोरनापाल वापस भेज दिया है। इस फैसले को गीदम में प्रशासनिक मनमानी पर शासन की सख्ती और जनता की आवाज की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
गीदम नगर पंचायत में सीएमओ के कार्यकाल के दौरान लगातार विवादों और शिकायतों का दौर चलता रहा। कथित नियम विरुद्ध कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठते रहे। हालात ऐसे बने कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती गई। अब शासन के इस फैसले ने साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी पद किसी की निजी जागीर नहीं है और न ही नियमों से ऊपर कोई अधिकारी है।
हुगली प्रधान को हटाए जाने के बाद नगर में चर्चाओं के साथ खुशी का माहौल भी देखने को मिल रहा है। वहीं शासन ने सीएमओ विनीत साव को गीदम नगर पंचायत की नई जिम्मेदारी सौंपी है। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती नगर पंचायत की बिगड़ी प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने, लंबित विकास कार्यों को गति देने और जनता का भरोसा दोबारा कायम करने की होगी।
शासन के आदेश के मुताबिक विनीत साव को सात दिनों के भीतर कार्यभार संभालना है। नगरवासियों को उम्मीद है कि नए सीएमओ के आने से नगर पंचायत में जवाबदेही बढ़ेगी और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता मिलेगी।
गीदम का यह प्रशासनिक फेरबदल सिर्फ एक अधिकारी को हटाने का मामला नहीं, बल्कि उन अधिकारियों के लिए भी चेतावनी है जो पद की ताकत के आगे जनता की आवाज और सरकारी नियमों को नजरअंदाज करते हैं। आखिरकार प्रशासन जनता की सेवा के लिए है, जनता को परेशान करने के लिए नहीं।

