केंद्रीय कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: 1.07 लाख करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली मंजूरी, भारत के नवाचार और आधारभूत ढांचे को मिलेगा नया बल
📅 तारीख: 1 जुलाई 2025
✍️ रिपोर्ट: हिंदी न्यूज़ डेस्क
🔬 1 लाख करोड़ की रिसर्च एंड इनोवेशन योजना को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने Research, Development and Innovation (RDI) योजना को हरी झंडी दी है, जिसका कुल बजट ₹1 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य भारत को अनुसंधान-आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है। इसके अंतर्गत:
निजी क्षेत्र को रिसर्च और डीप-टेक डोमेन में निवेश के लिए प्रोत्साहन
Fund of Funds मॉडल के तहत डीप-टेक इनोवेशन के लिए समर्थन
विज्ञान, स्वास्थ्य, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में फोकस
युवाओं और स्टार्टअप्स को तकनीकी नवाचार में अवसर प्रदान करना
यह योजना भारत को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
🛣️ परमकुडी–रामनाथपुरम (NH-87) को चार लेन में बदलेगा प्रोजेक्ट
केंद्रीय कैबिनेट ने तमिलनाडु के परमकुडी से रामनाथपुरम तक के राष्ट्रीय राजमार्ग NH‑87 को चार लेन में परिवर्तित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत ₹1,042.83 करोड़ आंकी गई है और इसे 24 महीनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य है।
इसके लाभों में शामिल हैं:
दक्षिण भारत में बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट
पर्यटकों और व्यापारियों को तेज़ और सुरक्षित यात्रा
क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर
यह इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार भारत की “कनेक्टेड भारत” रणनीति का हिस्सा है।
🏆 खेलो इंडिया का विस्तार: ‘व्यापक खेलो भारत नीति 2025’ को स्वीकृति
कैबिनेट ने खेलो इंडिया के नए रूप ‘खेलो भारत नीति 2025’ को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर तक खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करना है।
📝 संक्षेप में: कैबिनेट के प्रमुख फैसले
| निर्णय | उद्देश्य / लाभ |
|---|---|
| ₹1 लाख करोड़ RDI योजना | नवाचार, तकनीकी आत्मनिर्भरता, निजी निवेश को बढ़ावा |
| NH‑87 को 4-लेन में बदलने की योजना | यातायात सुविधा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास |
| खेलो भारत नीति 2025 | ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं को खेल में बढ़ावा |
🔍 निष्कर्ष
ये फैसले न केवल भारत के शैक्षिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि देश को ग्लोबल इनोवेशन और स्पोर्ट्स मैप पर मजबूती से स्थापित करेंगे। सरकार का यह कदम दर्शाता है कि अब भारत केवल सेवा आधारित नहीं, बल्कि विज्ञान, नवाचार और बुनियादी ढांचे पर आधारित महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।

