दिल्ली: रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन में 9 लाख के टीवी, 14 एसी – टेंडर में बेतुके खर्चों पर मचा बवाल
दिल्ली की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद गर्माया हुआ है। भाजपा नेता रेखा गुप्ता के सरकारी बंगले की रेनोवेशन टेंडर रिपोर्ट सामने आने के बाद खर्चों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। टेंडर दस्तावेजों के अनुसार, बंगले के नवीनीकरण के लिए ₹9 लाख से अधिक की लागत वाले LED टीवी, 14 एयर कंडीशनर, ₹91,000 के गीजर, महंगे बाथरूम फिटिंग्स, फर्नीचर और अन्य उपकरण शामिल किए गए हैं।
📋 टेंडर की प्रमुख बातें:
9,00,000+ रुपए के टीवी
14 AC – एक बंगलो में इतनी संख्या को लेकर सवाल
₹91,000 का गीजर – जिसकी वास्तविक बाजार दर काफी कम होती है
महंगे डेकोरेटिव आइटम्स, फर्नीचर और फिटिंग्स
🏛️ विपक्ष का आरोप:
विपक्षी दलों ने इन खर्चों को “भ्रष्टाचार की मिसाल” और “जनता के पैसों की बर्बादी” बताया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने कहा कि जब दिल्ली में आम जनता बिजली-पानी के लिए संघर्ष कर रही है, तब एक राजनेता के घर में लग्ज़री सुविधाओं पर इतना खर्च कैसे किया जा सकता है?
AAP प्रवक्ता ने कहा,
“जब आम आदमी झुग्गी में रह रहा है, तब टैक्सपेयर के पैसों से ऐसे आलीशान खर्च क्यों?”
📣 रेखा गुप्ता की सफाई:
रेखा गुप्ता ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है और कहा कि टेंडर फाइनल नहीं हुआ है और सभी खर्च नियमों के तहत ही होंगे। उन्होंने कहा कि
“जो भी कार्य होंगे, वह सरकारी नियमों और पारदर्शिता के साथ होंगे।”
🔍 लोकायुक्त जांच की मांग:
मामले को तूल पकड़ता देख कुछ RTI कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने इस टेंडर की सीएजी ऑडिट और लोकायुक्त जांच की मांग की है। वहीं दिल्ली के PWD विभाग ने भी कहा है कि वे टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं।
⚠️ निष्कर्ष:
यह विवाद न केवल दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जन प्रतिनिधियों पर जनता की निगरानी कितनी जरूरी है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी प्रक्रियाओं की सार्वजनिक जांच और दस्तावेजों की उपलब्धता समय की मांग है।

