साहिबाबाद (गाजियाबाद)। राज्य कर विभाग जोन-1 की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) टीम ने लोनी के भनैड़ा खुर्द में पुराने वाहनों के स्क्रैप बेचने वाली फर्म पर छापा मारा। 10 सितंबर को शुरू हुई छापे की कार्रवाई 11 तक चली।
अधिकारियों का कहना है कि फर्म ने जून से रिटर्न दाखिल नहीं किया था। इसके अलावा जांच में सामने आया कि फर्म से 49.89 लाख रुपये के ई-वे बिल बिना किसी ठोस आधार पर निरस्त किए गए हैं।
मौके से अधिकारियों ने स्टाक बुक, बैंक पासबुक, सीसीटीवी की डीवीआर, लैपटाप समेत अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी शुरुआती जांच में 1.35 करोड़ की कर चोरी सामने आई है।
जीएसटी पोर्टल पर हाई रिस्क में शामिल थी फर्म
ज्वाइंट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ मैसर्स वाइजीए स्टार आटो स्क्रैपिंग सेंट प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की। फर्म जीएसटी पोर्टल पर हाइ रिस्क में शामिल थी, जिसका स्कोर सबसे ज्यादा 10 था।
इसके आधार पर फर्म की रेकी की गई। इस दौरान पता लगा कि 15 साल पूरे कर चुके वाहनों को नीलामी के बाद कबाड़ करने के लिए भारी मात्रा में यहां लाया गया है और भारी मात्रा में स्क्रैप फर्म में है। फर्म ने जून-2026 के बाद रिटर्न भी दाखिल नहीं किया गया है।
इसके अलावा पोर्टल के माध्यम से पता चला कि फर्म द्वारा 49.89 लाख के ई-वे बिल बिना किसी ठोस आधार के निरस्त किए गए हैं।
फर्म द्वारा स्क्रैप हो चुके पुराने वाहनों के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के आयरन स्क्रैप, रबर स्क्रैप, कॉपर स्क्रैप एवं एल्युमिनियम स्क्रैप की भी खरीद की जा रही है, लेकिन उनकी बिक्री रिटर्नों में नहीं दर्शायी जा रही है।
बिना कैश जमा किए क्लेम की 72 लाख की आईटीसी
फर्म की जांच पर पाया गया कि स्क्रैप हो चुके वाहनों को एमसीडी और विभिन्न थानों से नीलामी के माध्यम से वाहन लाकर लोहा, मोटर पार्टस, तांबा, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर स्क्रैप इत्यादि को अलग-अलग करते हुए व्यापार स्थल पर भंडारण किया गया है।
जांच में 1.13 करोड़ का स्क्रैप घोषित स्टाक से अधिक पाया गया। इसे सीज किया गया। इतना ही नहीं फर्म ने 72 लाख रुपये की आइटीसी बिना कैश जमा किए क्लेम कर ली।
घोषित प्लास्टिक स्क्रैप 82 हजार का कम पाया गया। उन्होंने बताया कि मौके पर सीज अघोषित स्क्रैप पर 23 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा और सीज सीसीटीवी डीवीआर में दर्ज रिकार्ड और लैपटाप में उपलब्ध आंकड़ों की जांच करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी में असिस्टेंट कमिश्नर विपिन शुक्ला, राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी, विनोद कुमार दूबे बृजकृष्णा उपस्थित रहे।
सालभर में ही कर चोरी का बड़ा खेल
अधिकारियों ने बताया कि फर्म ने पिछले साल अगस्त माह में पंजीकरण लिया है। इसके बाद से करीब 1.15 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ में आई है।
जोन एक के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 आइएएस अजय कुमार गौतम ने बताया कि प्रमुख सचिव के निर्देश पर स्क्रैप कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच कराई जा रही है।

