क्षिणी दिल्ली। सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी।
बृहस्पतिवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार इसके चलते अंदरूनी रक्तस्त्राव हुआ था। रविवार को कुछ लोगों ने शोर शराबे और नशा करने का विरोध करने पर 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह पर हमला किया था।
पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने उनके जमीन पर गिरने के बाद उनके सीने और पेट पर लात-घूंसे मारे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हमले के दौरान लगी चोटों की प्रकृति का पता चला है।
पोस्टमार्टम में पसलियां टूटने और तिल्ली फटने की पुष्टि
एम्स में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डाॅ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि सिंह की मौत पेट और सीने पर गंभीर शारीरिक हमले के कारण हुई, जिससे भारी ब्लीडिंग हुई।
एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाईं ओर पहली से 11वीं पसली और दाईं ओर छठी से नौवीं पसली टूटी हुई पाई गईं, साथ ही टूटी हुई पसलियों के आसपास ब्लीडिंग और खून के थक्के भी मिले। तिल्ली (प्लीहा) फटने की बात भी सामने आई।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, सुबह हुई मौत
पुलिस के अनुसार, हमले के बाद सिंह को उस दिन रात करीब 12:25 बजे होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया और वे रात करीब 1:30 बजे अस्पताल पहुंचे।
शुरुआत में उन्होंने इलाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन बाद में उन्हें हैमरेज (अंदरूनी रक्तस्राव) हुआ और सुबह करीब 6:32 बजे उनकी मौत हो गई।
शोर-शराबे पर आपत्ति के बाद हुआ था हमला
पुलिस के अनुसार, सिंह ने किलोकरी गांव में अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी।
वह पहले भी नजदीकी ढाबे के मालिक से वहां इकट्ठा होने वाले लोगों के शोर की शिकायत कर चुके थे। ढाबा लगभग आधी रात तक खुला रहता था और आसपास के इलाकों तथा छात्रों को आकर्षित करता था। आपत्ति जताने के बाद उन पर घूंसे और मुक्कों से हमला किया गया।
आरोपी बोले- ‘सबक सिखाना चाहते थे, मारना नहीं’
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे सिंह को सिर्फ ‘सबक सिखाना’ चाहते थे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हमला घातक साबित होगा। मामले में बेटे की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में नाबालिगों सहित सभी आरोपितों को पकड़ लिया है।
पुलिस नस्लीय एंगल से भी कर रही जांच
पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें नस्लीय एंगल भी शामिल है। हालांकि, अभी तक हमले के दौरान किसी नस्लीय गाली का सबूत नहीं मिला है। पुलिस ढाबे के मालिक की भूमिका और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।

