Gagandeep Randhawa Suicide Case: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा आत्महत्या के बाद लालजीत सिंह भुल्लर
पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (पीडब्ल्यूसी) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के विभाग अब दो मंत्रियों को सौंप दिए गए हैं. दरअसल, लालजीत सिंह भुल्लर पर आरोप लगने के बाद उनसे इस्तीफा ले लिया गया था.
वहीं अब पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का ट्रांसपोर्ट विभाग वित्त मंत्री हरपाल चीमा को दिया गया है, जबकि डॉ रवजोत को जेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. ये दोनों विभाग पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पास थे.
अमृतसर में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा आत्महत्या के बाद भुल्लर से इस्तीफा ले लिया गया था और इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है. बता दें कि पंजाब राज्य वेयरहाउस निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था.
सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला
गौरतलब कि अमृतसर में तैनात पंजाब राज्य वेयरहाउस निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार (20 मार्च) को जहरीली दवा खाकर आत्महत्या कर ली थी. वहीं सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था जिसमें उन्होंने अपने ऊपर दबाव बनाए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे. यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया था.
फैसले को लेकर दबाव का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, विभाग के पास एक गोदाम के लिए स्थान देने का प्रस्ताव आया था. जब विभागीय टीम ने उस स्थान की जांच की, तो पाया गया कि प्रस्तावित जगह के ऊपर से हाई वोल्टेज की बिजली की तारें गुजर रही थीं, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थीं. इसी कारण विभाग ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. बताया जा रहा है कि इस फैसले को लेकर अधिकारी पर दबाव बनाया जा रहा था.
लालजीत सिंह भुल्लर पर दबाव डालने का आरोप
आरोप है कि शुक्रवार को अमृतसर दौरे के दौरान मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने इस मामले में जिला प्रबंधक पर कथित रूप से निर्णय बदलने का दबाव डाला. इससे मानसिक रूप से आहत होकर गगनदीप सिंह रंधावा ने यह कठोर कदम उठाया. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी.
सीएम मान ने लिया था इस्तीफा
घटना के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मंत्री से इस्तीफा ले लिया और मुख्य सचिव को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं- मान
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. वहीं मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
से इस्तीफा ले लिया गया था.

