नई दिल्ली। शाहदरा के छोटा बाजार स्थित बुलाकी दास आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में बुलाकी दास टीबी अस्पताल) में बंदर का आतंक मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बताया जा रहा है कि 10 दिनों में बंदर के काटने की 10 घटनाएं सामने आई हैं।
मंगलवार को ही दो महिलाओं और एक पुरुष सहित तीन लोगों को बंदर ने काट लिया। लगातार हो रही घटनाओं से अस्पताल आने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान बंदर के हमले का डर अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।
अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में बंदरों की समस्या गंभीर
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बिंदु बहल ने माना कि अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में बंदरों की समस्या गंभीर है। उन्होंने बताया कि शाहदरा क्षेत्र में हरियाली अधिक होने के कारण बंदरों की आवाजाही बनी रहती है। इस संबंध में एमसीडी के पशु नियंत्रण विभाग को शिकायतें भेजी गई हैं और कार्रवाई भी हुई है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उन्होंने बताया कि उन्हें मंगलवार को हुई एक घटना की जानकारी है। कहा कि बंदरों का आतंक अस्पताल के लिए बड़ी चिंता का विषय बन चुका है।
परिसर में खुलेआम घूम रहे बंदरों के कारण हर समय हमले का खतरा
स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों नरेश, दीपक और सुरेश का कहना है कि परिसर में खुलेआम घूम रहे बंदरों के कारण हर समय हमले का खतरा बना रहता है। मांग की कि अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एमसीडी को प्रभावी और स्थायी कदम उठाने चाहिए, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को इस परेशानी से राहत मिल सके।

