प्रात:काल उठि के रघुनाथा। मातु-पिता गुरु नावहिं माथा।।
नोएडा सेक्टर 82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 7 में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी पंचमानंद महाराज ने भगवान राम की बाल लीलाओं , विश्वामित्र यज्ञ रक्षा, अहिल्या उद्धार आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। विश्वामित्र जी वन में यज्ञ करते हैं लेकिन राक्षस उनके यज्ञ में बाधा डालकर उसको पूर्ण नहीं होने देते हैं । विश्वामित्र जी ध्यानस्थ होकर देखते है तो उन्हें पता चलता है कि दशरथ पुत्र राम स्वयं विष्णु अवतार हैं और उनके बिना राक्षसों का संघार नहीं हो सकता है। दशरथ जी से राम ,लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगते है। भगवान राम रास्ते में तड़का जैसी भयंकर राक्षसी का वध कर देते हैं साथ ही अन्य राक्षसों का वध कर यज्ञ को पूर्ण करवाते हैं। मुनि विश्वामित्र के साथ जाते समय रास्ते में गौतम ऋषि के श्रापवश पाषाण शिला बनी अहिल्या का अपनी चरण रज से उद्धार करते हैं। इसके बाद जनकपुर में विश्वामित्र जी के साथ आगमन होता है
श्री राम कथा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी देव मणि शुक्ल ने बताया कि 2 अप्रैल को धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद, राम जानकी विवाह आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन कथा व्यास द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर देवमणि शुक्ल , रवि राघव, गोरे लाल, संजय पांडेय, अंगद सिंह तोमर,हरि सिंह, ब्रिजेन्द्र सिंह, रमेश चंद शर्मा, विश्वनाथ त्रिपाठी, रमेश वर्मा, नीरज शर्मा, गौरव, हंस मणि शुक्ल, विकास शर्मा, रविंद्र कुमार , अरूण गौर, आशीष कुड्डू,विनोद मुद्गल, विकास कुमार, राकेश कुमार, संगम प्रसाद मिश्र, अनिल कुमार शर्मा, देव नारायण तिवारी, बलराम कर्ण, विजय कुमार झा, वीरेंद्र कुमार राय, रंजन गिरि, धर्मेंद्र सिंह, प्रमोद दीक्षित, धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, अवनीश कुमार शर्मा, ललित शर्मा, उपेंद्र सिंह, राजेश सिंह, बृजेश चंद्र पांडेय सहित तमाम सेक्टरवासी भक्त मौजूद रहे।

