छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र: खाद की भारी कमी पर विपक्ष का हंगामा, 23 विधायक निलंबित
रायपुर, 15 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्ष ने राज्य में खाद और बीज की भारी कमी को लेकर सरकार को घेरते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सदन में अनुशासनहीनता के चलते 23 कांग्रेस विधायकों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया, हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया।
खाद संकट बना केंद्र बिंदु
विपक्ष का आरोप है कि राज्य के लाखों किसान इस समय यूरिया और डीएपी खाद की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दावा किया कि सरकार के दावों के बावजूद खाद की आपूर्ति गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है। कांग्रेस ने इसे राज्य के किसानों के साथ अन्याय बताया।
सरकार की सफाई
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में बताया कि केंद्र सरकार से खाद आपूर्ति में कुछ बाधाएं आई हैं, लेकिन सरकार वैकल्पिक उर्वरकों की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि जिलों में खाद वितरण को सुव्यवस्थित किया जा रहा है और जल्द ही सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मिल पाएगी।
विपक्ष का वाकआउट और विरोध
कांग्रेस विधायकों ने खाद संकट पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव रखा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया और बाहर धरना दिया। इस दौरान कुछ विधायकों ने आसन के सामने नारेबाजी की, जिसके चलते स्पीकर ने 23 विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया।
अन्य मुद्दे भी उठे
सत्र के दौरान राजस्व निरीक्षक (RI) भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे भी विपक्ष द्वारा जोर-शोर से उठाए गए।
📌 निष्कर्ष
राज्य में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही खेती-किसानी से जुड़े मुद्दे एक बार फिर से गरमाने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, जबकि सरकार ने राहत और वैकल्पिक व्यवस्था देने का आश्वासन दिया है। सत्र के आगामी दिनों में यह साफ होगा कि समाधान की दिशा में सरकार कितनी तत्पर है।

