दादरी | नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित:
दादरी से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां डॉक्टरों की मेहनत, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और लगातार देखभाल ने समय से पहले जन्मे एक नवजात को नई जिंदगी दे दी। दादरी स्थित गोपाल नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने 23 दिनों तक चले कठिन उपचार और निगरानी के बाद एक मासूम बच्चे को स्वस्थ कर उसके परिवार को सौंप दिया।
इस सफलता के बाद परिजनों में खुशी का माहौल है और अस्पताल की मेडिकल टीम की जमकर सराहना की जा रही है।
32 सप्ताह में हुआ जन्म, हालत थी गंभीर
जानकारी के अनुसार दादरी के फैजान मदरसे के संचालक इसरत के बच्चे का जन्म लगभग 23 दिन पहले गोपाल नर्सिंग होम में हुआ था।
बच्चे का जन्म सामान्य समय से काफी पहले यानी सिर्फ 32 सप्ताह में हो गया था।
समय से पहले जन्म लेने के कारण:
- बच्चे का वजन केवल 1.71 किलोग्राम था
- उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी
- सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी
वेंटिलेटर और सरफेक्टेंट थेरेपी से बची जान
डॉक्टरों ने तुरंत नवजात को:
- वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा
- फेफड़ों के विकास के लिए सरफेक्टेंट थेरेपी दी
- लगातार ICU निगरानी में रखा
शुरुआती दिनों में बच्चे को कई मेडिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों ने पूरी सावधानी और तत्परता के साथ इलाज जारी रखा।
समय से पहले जन्मे बच्चों की देखभाल बड़ी चुनौती
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि प्रीमैच्योर (Premature) बच्चों की देखभाल बेहद चुनौतीपूर्ण होती है।
ऐसे मामलों में:
- संक्रमण का खतरा
- सांस संबंधी समस्याएं
- कम वजन
- कमजोर प्रतिरोधक क्षमता
जैसी कई जटिलताएं सामने आती हैं।
लेकिन लगातार निगरानी और सही उपचार के कारण बच्चे की हालत धीरे-धीरे बेहतर होती गई।
इन डॉक्टरों की रही अहम भूमिका
इस सफल उपचार में:
- डॉ. जी.एस. चौबे
- डॉ. विनेश पंवार
- डॉ. सुमित आई. कर्ण
- डॉ. के.पी. सिंह
सहित सभी RMO डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डॉक्टरों और नर्सिंग टीम की मेहनत, समर्पण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण ही मासूम अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच पाया।
परिवार ने जताया आभार
बच्चे के स्वस्थ होकर घर लौटने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
माता-पिता ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“डॉक्टरों की मेहनत और सही इलाज की वजह से आज हमारा बच्चा सुरक्षित हमारे बीच है।”
निष्कर्ष
दादरी का यह मामला आधुनिक चिकित्सा और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
यह सफलता दिखाती है कि सही समय पर उपचार और विशेषज्ञ निगरानी से गंभीर स्थिति में जन्मे नवजातों को भी नई जिंदगी दी जा सकती है।

