लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें राज्य वेतन आयोग को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले लागू करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। असम सरकार ने जनवरी 2026 में देश का पहला राज्य बनकर अपना 8वां राज्य वेतन आयोग गठित किया, जिससे कर्मचारियों में उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब यूपी के कर्मचारी संगठन योगी सरकार से मांग कर रहे हैं कि असम फार्मूले को अपनाते हुए जल्द आयोग गठित कर वेतन और पेंशन संशोधन 2027 चुनाव से पहले लागू किया जाए।
चुनाव से पहले नया वेतनमान लागू करने की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि चुनाव से पहले नया वेतनमान लागू करने से लाखों कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और चुनावी समीकरणों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। संगठन यह भी मानते हैं कि असम की तरह तेज कदम उठाने से उत्तर प्रदेश में वेतन वृद्धि और एरियर की उम्मीदें जागेंगी। विभिन्न कर्मचारी संघ और संगठन लगातार योगी सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि आयोग का गठन जल्द से जल्द किया जाए।
आयोग सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा
1 जनवरी 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य का 8वां राज्य वेतन आयोग गठित करने की घोषणा की। इसकी अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास करेंगे। यह आयोग राज्य के करीब 7 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। असम का यह कदम केंद्रीय सरकार के जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग गठन के बाद सबसे तेज प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
असम फार्मूले को यूपी में लागू करने की मांग
असम ने अन्य राज्यों के लिए मिसाल कायम की है। उत्तर प्रदेश में यह खबर फैलते ही कर्मचारियों में उत्साह बढ़ गया। यूपी में लगभग 12-15 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से वेतन संशोधन और महंगाई भत्ते में राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सरकार पर संगठनों का दबाव
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, शिक्षक संघ और पेंशनर्स फोरम ने योगी सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि असम की तर्ज पर यूपी भी अपना 8वां राज्य वेतन आयोग तुरंत गठित करे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरीकिशोर तिवारी ने कहा कि आयोग केंद्र सरकार के इंतजार में न रहे और जल्द तैयारियां शुरू की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से एरियर प्राप्त होना चाहिए।
कर्मचारियों का मनोबल और चुनावी असर
संगठनों का तर्क है कि असम जैसे राज्यों के कदम से यूपी के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण संयुक्त संगठन के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि यदि यूपी सरकार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 8वें वेतन आयोग का गठन करती है, तो लाखों परिवारों में खुशी का माहौल बनेगा और चुनावी समीकरण भी प्रभावित होंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए और एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए।

