उत्तराखंड: दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए बनेंगे विश्राम गृह, ₹20 में मिलेगा खाना
देहरादून, 24 जुलाई 2025:
उत्तराखंड सरकार ने मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधा के लिए एक सराहनीय पहल की है। अब दून मेडिकल कॉलेज (देहरादून) और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह (Rest House) बनाए जाएंगे। इन विश्राम गृहों में किफायती दरों पर भोजन, ठहरने और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
📜 एमओयू पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में राज्य सचिवालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इस योजना के तहत:
विश्राम गृह 20 वर्षों के लिए संचालित किए जाएंगे।
निर्माण के लिए ज़मीन का आवंटन:
दून मेडिकल कॉलेज: 1,750 वर्ग मीटर
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज: 1,400 वर्ग मीटर
🍛 इतनी कम दर में मिलेगा खाना और ठहराव
विश्राम गृहों में तीमारदारों के लिए यह सुविधाएं दी जाएंगी:
| सुविधा | शुल्क (प्रति व्यक्ति) |
|---|---|
| नाश्ता | ₹20 |
| दोपहर या रात का भोजन | ₹35 |
| 10-बेड डॉर्मिटरी | ₹55 प्रति बेड |
| 6-बेड कमरे | ₹75 प्रति बेड |
| डबल-बेड कमरा | ₹330 प्रति कमरा |
| एसी डबल-बेड कमरा | ₹850 प्रति कमरा |
यह दरें विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए तय की गई हैं।
🎯 योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
“मरीजों के तीमारदार अक्सर अस्पताल परिसरों में बिना किसी व्यवस्था के रहते हैं। यह विश्राम गृह उन्हें गरिमा और सुविधा प्रदान करेंगे।”
इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य मेडिकल संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी ही व्यवस्था की जाए।
🔧 निर्माण और संचालन
इन विश्राम गृहों का निर्माण पीपीपी मॉडल (Public-Private Partnership) के तहत किया जाएगा।
संचालन की जिम्मेदारी सेवादान आरोग्य संस्था को सौंपी गई है।
प्रत्येक विश्राम गृह में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, खानपान, बैठक हॉल, और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
📌 भविष्य की योजनाएँ
सरकार की योजना है कि इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए AIIMS सैटेलाइट सेंटर, किच्छा और अन्य बड़े अस्पतालों में भी इस प्रकार के विश्राम गृह बनाए जाएं।
🔚 निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार की यह पहल ना केवल स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मजबूत करेगी बल्कि तीमारदारों के लिए राहत और सुविधा का प्रतीक बनेगी। यह योजना राज्य में स्वास्थ्य सेवा की समग्र गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

