बिहार: विधानसभा घेराव में प्रशांत किशोर समेत 2000 लोगों पर FIR, लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल
पटना, 24 जुलाई 2025:
बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। राजधानी पटना में जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विधानसभा घेराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदर्शन की अगुवाई खुद पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में प्रशांत किशोर सहित करीब 2000 कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज की है।
🔹 प्रदर्शन की वजह क्या थी?
जन सुराज पार्टी ने यह आंदोलन राज्य सरकार की तीन प्रमुख नीतिगत विफलताओं के खिलाफ किया:
गरीब परिवारों को ₹2 लाख की सहायता राशि न मिलना
भूमिहीन दलित परिवारों को जमीन न मिलना
भूमि सर्वे प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप
प्रशांत किशोर ने प्रदर्शन से पहले ही चेताया था कि अगर सरकार इन मुद्दों पर जवाब नहीं देती, तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
🚓 लाठीचार्ज और तनावपूर्ण स्थिति
जैसे ही प्रदर्शनकारी चिटकोहरा गोलंबर से विधानसभा की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
इस दौरान 6 से अधिक कार्यकर्ता घायल हो गए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है।
📝 FIR में नामजद लोग
पटना पुलिस ने जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, उनमें शामिल हैं:
प्रशांत किशोर – जन सुराज पार्टी प्रमुख
विवेक – पार्टी प्रवक्ता
मनोज भारती – प्रदेश अध्यक्ष
मनीष कश्यप – सामाजिक कार्यकर्ता
अन्य 2000 अज्ञात कार्यकर्ता
FIR में आरोप है कि इन लोगों ने बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर जमावड़ा कर कानून व्यवस्था भंग की और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद उग्र प्रदर्शन किया।
🗣️ प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के बाद प्रशांत किशोर ने कड़े शब्दों में सरकार और पुलिस प्रशासन की निंदा करते हुए कहा:
“शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना अगर अपराध है, तो हम बार-बार यह अपराध करेंगे। यह आंदोलन अब और तेज़ होगा।”
“अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेंगे।”
🧭 राजनीतिक प्रभाव
विधानसभा सत्र के दौरान हुए इस आंदोलन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
विपक्षी दलों ने भी जन सुराज की मांगों को “वाजिब” बताया है और राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन आंतरिक सूत्रों के अनुसार पुलिस को “स्थिति नियंत्रण” में रखने के निर्देश दिए गए थे।
📌 निष्कर्ष
बिहार में जनता और सरकार के बीच टकराव की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज पार्टी जिस तरह से जमीनी मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रही है, वह आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

